‘सोने की लंका’ कर्ज में कैसे डूब गयी

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वेद पुराणों में सोने की लंका आज कर्ज में इतनी डूब गयी है कि खाने के लिए अनाज नहीं हैं. श्री लंका में मरीजों के लिए दवाई नहीं है.

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वेद पुराणों में सोने की लंका आज कर्ज में इतनी डूब गयी है कि खाने के लिए अनाज नहीं हैं. श्री लंका में मरीजों के लिए दवाई नहीं है. ATM में पैसे नहीं हैं. पेट्रोल-डीजल का भारी संकट है. 16 घंटे बिजली गुल रह रही है. हालात इस कदर खराब है कि सड़कों पर हिंसा, दंगे फैल गये हैं.

हिंसक झड़पों में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है. सैकड़ों की संख्या में लोग घायल है. हिंसक प्रदर्शन को दबाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को शूट ऑन साइट (देखते ही गोली मार देना) का आदेश जारी कर दिया है.

श्रीलंका में इतना सबकुछ हुआ कैसे, आखिर ऐसा क्या हुआ कि श्रीलंका इस हाल तक पहुंच गया. श्रीलंका की अर्थव्यवस्था दो साल पहले तक दक्षिण एशिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती थी. कोरोना महामारी की दस्तक से पहले साल 2019 में विश्व बैंक ने श्रीलंका को दुनिया के हाई मिडिल इनकम वाले देशों की कैटेगरी में अपग्रेड कर दिया था यानि कोरोना संक्रमण के दौरान ऐसा कुछ हुआ कि श्रीलंका की इकोनॉमी अर्श से फर्श पर आ गई.

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