बलूचिस्तान विवाद से चीन को उठाना पड़ सकता है 46 अरब डॉलर का नुकसान

बीजिंग: पंद्रह अगस्त में प्रधानमंत्री के भाषण में ब्लूचिस्तान के जिक्र से चीन की परेशानी बढ़ गयी है. चीनी विशेषज्ञ ने बताया कि यदि 46 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर, जिसका केंद्र बलूचिस्तान क्षेत्र ही है, को कोई ‘‘भारतीय कारक’ बाधित करता है तो चीन और पाकिस्तान संयुक्त कदम उठाएंगे. दक्षिण एशिया विशेषज्ञ […]
बीजिंग: पंद्रह अगस्त में प्रधानमंत्री के भाषण में ब्लूचिस्तान के जिक्र से चीन की परेशानी बढ़ गयी है. चीनी विशेषज्ञ ने बताया कि यदि 46 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर, जिसका केंद्र बलूचिस्तान क्षेत्र ही है, को कोई ‘‘भारतीय कारक’ बाधित करता है तो चीन और पाकिस्तान संयुक्त कदम उठाएंगे. दक्षिण एशिया विशेषज्ञ हू शिशेंग ने कहा, ‘‘मेरी निजी राय यह है कि यदि भारत अडियल रवैया अपनाता है और यदि चीनी या पाकिस्तान यह पाते हैं कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) को बाधित करने के पीछे कोई भारतीय कारक है, यदि यह हकीकत में हो जाता है, तो यह चीन-भारत और भारत-पाकिस्तान संबंधों के लिए परेशानी बन जाएगी.’
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