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CAA पर हंगामे के बाद क्या बीजेपी नेता ने कॉलेज में कराई छुट्टी

Updated at : 15 Jan 2020 10:34 PM (IST)
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CAA पर हंगामे के बाद क्या बीजेपी नेता ने कॉलेज में कराई छुट्टी

<figure> <img alt="बेंगलुरु कॉलेज" src="https://c.files.bbci.co.uk/1055/production/_110518140_whatsappimage2020-01-15at6.33.47pm.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Imran Qureshi/BBC</footer> </figure><p>बेंगलुरु के एक कॉलेज के बाहर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में बनी ग्रैफ़िटी को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स के बीच गहमागहमी हुई.</p><p>हालात देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने दो दिनों का अवकाश घोषित कर दिया है.</p><p>इसके पहले बेंगलुरु […]

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<figure> <img alt="बेंगलुरु कॉलेज" src="https://c.files.bbci.co.uk/1055/production/_110518140_whatsappimage2020-01-15at6.33.47pm.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Imran Qureshi/BBC</footer> </figure><p>बेंगलुरु के एक कॉलेज के बाहर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में बनी ग्रैफ़िटी को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स के बीच गहमागहमी हुई.</p><p>हालात देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने दो दिनों का अवकाश घोषित कर दिया है.</p><p>इसके पहले बेंगलुरु के ही एक महिला कॉलेज में बीते हफ़्ते बीजेपी कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया था. </p><p>ज्योति निवास कॉलेज और सृष्टि इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स एंड डिजाइन के मैनेजमेंट ने यह फ़ैसला छात्रों के गुस्से को काबू करने और भविष्य में किसी भी तरह की घटना रोकने के लिहाज से किया है.</p><p>दरअसल बीते सप्ताह बीजेपी कार्यकर्ता ज्योति निवास कॉलेज में एक बैनर लगाकर नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में छात्रों से हस्ताक्षर करवाना चाहते थे. कुछ छात्रों ने जब इसका विरोध किया तो हंगामा शुरू हो गया. इसके बाद डिप्टी सीएम अश्वथ नारायण ने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अधिकार छात्रों के मुक़ाबले ज़्यादा महत्वपूर्ण थे.</p><p>वहीं, सृष्टि इंस्टीट्यूट के मामले में बीजेपी कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल पहुंचा था जिसकी अगुवाई येलाहांका से बीजेपी विधायक एसआर विश्वनाथ कर रहे थे. वो राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिवों में से एक हैं. यहां असल विवाद ग्रैफ़िटी बनाने और छात्रों के सीएए के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से जुड़ा बताया जा रहा है. </p><figure> <img alt="बेंगलुरु सीएए विवाद" src="https://c.files.bbci.co.uk/5E75/production/_110518142_whatsappimage2020-01-15at6.33.47pm-2.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Imran Qureshi/BBC</footer> </figure><h1>बीजेपी विधायक ने जताई आपत्ति</h1><p>बीजेपी विधायक विश्वनाथ ने बीबीसी को बताया, ”मुझे इसमें दखल देने के लिए मज़बूर होना पड़ा क्योंकि ऐसी शिकायतें मिली थीं कि कॉलेज के सामने छात्रों और स्टाफ़ की गाड़ियां इस तरह पार्क की गई थीं जिससे ट्रैफ़िक की समस्या हो रही थी. आम लोगों से ऐसी भी शिकायतें मिली थीं कि स्टूडेंट इधर-उधर धूम्रपान करते हैं और निर्धारित समय के बाद भी पार्क का इस्तेमाल करते हैं.”</p><p>उन्होंने कहा, ”इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर के साथ बातचीत के दौरान मेरे एक समर्थक ने बताया कि सृष्टि कॉलेज के स्टूडेंट्स ने जब सीएए के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन शुरू किया, उसके बाद लोग विरोध में आवाज़ उठाने लगे. इससे पहले हमारे विधानसभा क्षेत्र में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन या विरोध में किसी तरह के प्रदर्शन नहीं हो रहे थे.”</p><p>इंस्टीट्यूट के ठीक सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक ग्रैफिटी बनाई गई थी जिसके नीचे ”सब चंगा सी” लिखा था. इस पर सवाल उठ रहे हैं. लेकिन बीजेपी विधायक विश्वनाथ का कहना है कि इसके अलावा भी वहां कई ग्रैफिटी बनाई गई हैं जो सही नहीं हैं.</p><p>बीजेपी विधायक ने यह भी कहा, ”डायरेक्टर ने बताया कि उनके इंस्टीट्यूट से किसी स्टूडेंट ने ग्रैफ़िटी नहीं बनाई है. इसलिए मैंने कहा कि अगर स्टूडेंट्स ने नहीं किया तो मैं पुलिस से कहता हूं कि वो सीसीटीवी फ़ुटेज देखकर पता लगाए कि किसने किया है. हम किसी भी तरह की अराजकता यहां बर्दाश्त नहीं करेंगे.”</p><figure> <img alt="बेंगलुरु सीएए विवाद" src="https://c.files.bbci.co.uk/E9FE/production/_110520995_mm.jpg" height="549" width="976" /> <footer>IMRAN QURESHI/BBC</footer> </figure><h1>इंस्टीट्यूट ने जारी की गाइडलाइंस</h1><p>दूसरी तरफ, इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर गीता नारायणन ने बीबीसी को बताया, ”हमारे इंस्टीट्यूट के सामने बने अपार्टमेंट में रहने वालों को हमसे या हमें उनसे किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है. विधायक ने यह मुद्दा उठाया ज़रूर है लेकिन वो असल में इस बात से नाराज़ थे कि हमारे स्टूडेंट और स्टाफ़ के लोग सीएए के ख़िलाफ़ येलाहांका और टाउन हॉल में हुए विरोध-प्रदर्शन में शामिल थे.”</p><p>नारायणन बताती हैं, ”उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि हमें ये सब नहीं करना चाहिए और हमें प्रधानमंत्री का सम्मान करना चाहिए. देखिए दो चीज़ें हैं, हमारे स्टूडेंट सिर्फ़ इस पर ही नहीं, किसी भी मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन के लिए स्वतंत्र हैं, जो क़ानूनी तौर पर आयोजित हो. और दूसरी बात, हम अपने आसपास सौहार्द्र बनाकर रहना चाहते हैं. मुझे लगता है कि कल इस सौहार्द्र को बिगाड़ने की कोशिश हुई है.”</p><p>गीता नारायणन चिंता जताते हुए कहती हैं कि ”देश के अलग-अलग हिस्सों से आए स्टूडेंट्स की सुरक्षा का ख़याल रखा जाना चाहिए.”</p><p>यही मुख्य वजह है कि मैनेजमेंट ने 17 जनवरी तक इंस्टीट्यूट बंद रखने का फ़ैसला किया और छात्रों से चार बातें ध्यान रखने के लिए कहा. </p><p>1. सृष्टि इंस्टीट्यूट के ड्रेस कोड का पालन किया जाए.</p><p>2. सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान ना करें, क्योंकि यह गैरकानूनी है. </p><p>3. देर रात तक बाहर घूमने से बचें.</p><p>4. किसी सार्वजनिक जगह पर बड़ी संख्या में इकट्ठे ना हों.</p><p>अपने ईमेल में मैनेजमेंट ने लिखा, ”हम जानते हैं कि ये मुश्किल वक़्त है और हम सब मिलकर इस पर बात करेंगे.”</p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-50885059?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">नागरिकता संशोधन क़ानून: छात्र बनाम शासन</a></p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51060267?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">अपनी-अपनी भारतीयता बनाने-बचाने की लड़ाई जारी है: नज़रिया</a></p><figure> <img alt="बेंगलुरु सीएए विवाद" src="https://c.files.bbci.co.uk/10D26/production/_110520986_procaa-ncr-nprgraffiti-churchstreet-1.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Bangalore News Photos</footer> </figure><h1>भगवा रंग से बनी ग्रैफिटी का विरोध</h1><p>गीता नारायणन का कहना है, ”विधायक के समर्थकों ने इंस्टीट्यूट के चारों ओर भगवा रंग से ग्रैफिटी बनाई है. मेरे स्टूडेंट इससे नाराज़ थे. इसलिए मैंने सभी ग्रैफिटी सफेद रंग से पेंट करने के लिए कहा है.”</p><p>एक स्टूडेंट के परिजन ने नाम ना छापने की शर्त पर बीबीसी से कहा, ”यह अजीब बात है कि येलाहांका के आसपास ग्रैफ़िटी को लेकर आपत्ति जताई जा रही है जबकि सृष्टि इंस्टीट्यूट के छात्रों को बेंगलुरु में सार्वजनिक जगहों पर पब्लिक आर्ट बनाने के लिए सरकारी विभागों और गैर सरकारी संगठनों ने बुलाया था.”</p><p>पब्लिक आर्ट कूड़ा घरों के आसपास, सार्वजनिक पार्क समेत तमाम जगहों पर शहर की सुंदरता बढ़ा रही है.</p><p>एक स्टूडेंट ने पहचान ज़ाहिर ना करने की शर्त पर कहा, ”यह स्पष्ट है कि पुलिस से हमारी गाड़ियां हटवाकर यह जताया गया कि देखो हम क्या कर सकते हैं. लेकिन ये सारी कोशिश हमारी अभिव्यक्ति को दबाने की है.”</p><p>दूसरे स्टूडेंट ने कहा, ”छात्र क्या पहनते हैं या धूम्रपान करते हैं इससे कोई लेना-देना नहीं है. यह सब सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने की वजह से हो रहा है.”</p><figure> <img alt="बेंगलुरु सीएए विवाद" src="https://c.files.bbci.co.uk/15B46/production/_110520988_anticaa-ncr-npr-bjpgraffitiatchurchstreet-3.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Bangalore News Photos</footer> </figure><h1>पुलिस क्या कर रही है?</h1><p>सृष्टि इंस्टीट्यूट में हंगामे के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक शॉपिंग सेंटर पर बनी ग्रैफ़िटी का भी विरोध किया था. इस बिल्डिंग को गिराकर दोबारा बनाया जाना है. यहां की ग्रैफ़िटी के ज़रिए प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की गई थी. जैसे एक में लिखा था- ”मोदी आतंकवादी है” ”नो सीएए, नो एनआरसी”.</p><p>पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है. </p><p>पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने बीबीसी से कहा, ”हम लोगों को विरोध-प्रदर्शन के लिए जगह मुहैया करा रहे हैं. लोगों को भी समझना होगा कि कौन सी जगह विरोध प्रदर्शन वर्जित हैं. इसलिए नारेबाज़ी और कहीं भी कुछ लिखने की ज़रूरत क्या है. उन्हें इस बात की चिंता भी होनी चाहिए कि उन पर कैसा ख़तरा हो सकता है. क्या होगा अगर दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया जब वो ये कर रहे हों? सार्वजनिक संपत्ति को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.”</p><p><strong>यह भी पढ़ें</strong><strong>:</strong></p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-50914899?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">नागरिकता संशोधन क़ानूनः प्रदर्शनकारी अब क्या करेंगे?</a></p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-50971904?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, कहा पाकिस्तान पर चुप्पी क्यों?</a></p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51104876?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">यूपी सरकार ने 3 दिन में की 32,000 शरणार्थियों की पहचान </a></p><p><strong>(</strong><strong>बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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