पढ़िये क्यों है श्रीलंका में राजनीतिक संकट, नेताओं का क्या है रोल

कोलंबो : श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त करके पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है. सिरिसेना के इस कदम से देश में संवैधानिक संकट पैदा हो गया है . इस संकट के समाधान के क्या रास्ते निकल सकते हैं, उसे समझने से पहले हमें सरकार, संविधान […]
कोलंबो : श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त करके पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है. सिरिसेना के इस कदम से देश में संवैधानिक संकट पैदा हो गया है . इस संकट के समाधान के क्या रास्ते निकल सकते हैं, उसे समझने से पहले हमें सरकार, संविधान और इस देश के प्रमुख नेताओं की भूमिका को समझना होगा.
सरकार- श्रीलंका में सरकार की सेमी-प्रेसीडेंशियल प्रणाली है जिसमें प्रधानमंत्री और कैबिनेट के साथ एक राष्ट्रपति होता है. देश की संसद के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार होता है. श्रीलंका में राष्ट्रपति को अमेरिका में राष्ट्रपति से ज्यादा अधिकार प्राप्त हैं. यहां कार्यान्वय के अधिकार राष्ट्रपति के पास हैं. वह संसद सत्र बुला सकते हैं, निलंबित कर सकते हैं या सत्रावसान कर सकते हैं. राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के साथ सलाह मशविरा कर कैबिनेट की नियुक्ति करते हैं. श्रीलंका के प्रमुख नेता-
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