1965 में झारखंड आए फादर स्टेन स्वामी यहीं के होकर रह गए, हमेशा करते थे आदिवासियों के हक की बात

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झारखंड आर्गेनाइजेशन अगेंस्ट यूरेनियम रेडियेशन से जुड़े रहे सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया. तमिलनाडु के रहनेवाले स्वामी 1965 में झारखंड आए और यहीं के होकर रह गए थे. झारखंड आने के बाद शुरुआत दिनों में उन्होंने पादरी का काम किया. धीरे-धीरे आदिवासी और वंचित समूह के अधिकारों की आवाज उठाते हुए झारखंड में विस्थापन विरोधी जनविकास आंदोलन की स्थापना की. साल 1996 में यूरेनियम कॉरपोरेशन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने वाले फादर ने आदिवासी अधिकारों के हक की आवाज उठाते रहे.

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झारखंड आर्गेनाइजेशन अगेंस्ट यूरेनियम रेडियेशन से जुड़े रहे सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया. तमिलनाडु के रहनेवाले स्वामी 1965 में झारखंड आए और यहीं के होकर रह गए थे. झारखंड आने के बाद शुरुआत दिनों में उन्होंने पादरी का काम किया. धीरे-धीरे आदिवासी और वंचित समूह के अधिकारों की आवाज उठाते हुए झारखंड में विस्थापन विरोधी जनविकास आंदोलन की स्थापना की. साल 1996 में यूरेनियम कॉरपोरेशन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने वाले फादर ने आदिवासी अधिकारों के हक की आवाज उठाते रहे. देखिए पूरी खबर..

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