कल, आज और कल: पान, मांछ वाले मिथिलांचल का ‘ग्लोबल मखाना’, राजा जनक के वक्त से जारी है इस्तेमाल

Updated at : 02 Jan 2021 3:15 PM (IST)
विज्ञापन
कल, आज और कल: पान, मांछ वाले मिथिलांचल का ‘ग्लोबल मखाना’, राजा जनक के वक्त से जारी है इस्तेमाल

Digital Food Festival: बिहार के मिथिलांचल से पान, मखान और मांछ सालों से जुड़े हुए हैं. मखान या मखाना शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के ‘मखान्न’ से हुई है. हिंदी में यह मखाना के रूप में प्रसिद्ध हो गया. इसे वैज्ञानिकों ने ‘यूरीएल फेरोक्स ऐलिस्ब’ नाम दिया है. इसकी पैदावार उत्तरी बिहार और मुख्य रूप से मिथिला के क्षेत्रों में नदी-तालाबों में की जाती है. मखाना की खेती भारत, चीन, जापान, कोरिया और रूस में भी होती है.

विज्ञापन

Digital Food Festival: बिहार के मिथिलांचल से पान, मखान और मांछ सालों से जुड़े हुए हैं. मखान (मखाना) की उत्पत्ति संस्कृत के मखान्न से हुई है. हिंदी में मखाना के रूप में प्रसिद्ध हो गया. इसे वैज्ञानिकों ने यूरीएल फेरोक्स ऐलिस्ब नाम दिया है. इसकी पैदावार उत्तरी बिहार और मुख्य रूप से मिथिला में नदी-तालाबों में होती है. मखाना की खेती भारत, चीन, जापान, कोरिया और रूस में भी होती है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन