Aadhaar New Rule : फिंगरप्रिंट न हो, तो आंखों के स्कैन के जरिये भी बन जाएगा आधार

Published by : Rajeev kumar Updated At : 13 Dec 2023 12:23 PM

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Aadhaar New Rule : फिंगरप्रिंट न हो, तो आंखों के स्कैन के जरिये भी बन जाएगा आधार

Aadhaar Card New Rule – यूआईडीएआई के मुताबिक, अब हाथ की उंगलियां ना होने की स्थिति में आइरिस स्कैन के जरिये आधार नामांकन किया जा सकता है.

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Aadhaar Card New Rule : आधार कार्ड से जुड़े बदलाव के संबंध में यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) द्वारा सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर की गई है. यूआईडीएआई के एक्स पर पोस्ट के मुताबिक, अब हाथ की उंगलियां ना होने की स्थिति में आइरिस स्कैन के जरिये आधार नामांकन किया जा सकता है. हम यह जानते हैं कि आज के समय में आधार कितना महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज बन चुका है. बैंक अकाउंट खुलवाने, स्कूल कॉलेज के एडमिशन, प्रॉपर्टी खरीदने, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड बनवाने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है. जब हम आधार कार्ड बनवाने जाते हैं, तो बायोमेट्रिक यानी फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन किया जाता है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति के दोनों हाथ या उंगलियां ही न हों तो क्या ऐसे लोग जो आधार नहीं बनवा सकते हैं? यूआईडीएआई के नियम के बारे में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक बयान जारी कर बताया कि बिना हाथ वाले भी आधार बनवा सकते हैं. एक व्यक्ति जो आधार के लिए पात्र है, लेकिन उंगलियों के निशान देने में असमर्थ है, वह केवल आईरिस स्कैन (आंखों की पुतलियों को स्‍कैन करके) कर अपना आधार बनवा सकता है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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