ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म से रफ्तार पकड़ेगा यूपी का विकास, भारतीय राजदूतों से बोले सीएम योगी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Oct 2022 7:54 PM
15 राष्ट्रों में तैनात भारतीय राजदूतों ने सीएम योगी आदित्यनाथ मुलाकात की. सीएम योगी ने फरवरी 2023 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के संबंध में राजदूतों से बात की. इस मौके पर राजदूतों ने कहा कि दुनिया की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में उत्तर प्रदेश बड़ी भूमिका निभा सकता है.
Lucknow: 15 राष्ट्रों में तैनात भारत के राजदूतों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. विकास की दौड़ में पिछड़े 08 आकांक्षात्मक जिलों के समग्र विकास के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों को देखकर राजधानी आए इन राजनयिकों ने अपने भ्रमण के अनुभवों को मुख्यमंत्री से साझा किया. साथ ही प्रदेश के विकास के लिए अपने सुझाव भी दिए.
राजदूतगणों ने आकांक्षात्मक जिलों बहराइच और फतेहपुर के अपने भ्रमण के अनुभवों को अविस्मरणीय बताया. वहां स्कूलों में बच्चों से बातचीत साफ-सफाई, गांव में अमृत सरोवर, लैंगिक समानता आदि के प्रयासों की जानकारी दी. राजदूतगणों ने प्रदेश में बेहतर होती इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं, विद्यालयों के कायाकल्प, अमृत सरोवर, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, उद्योग जगत को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों और निवेश अनुकूल माहौल की सराहना करते हुए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के पैमाने पर राज्य सरकार के प्रयासों की भी सराहना की.
सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि राजदूत के रूप में यह सभी विदेशों में भारत के ब्रांड एम्बेसडर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक पटल पर भारत की मजबूत स्थिति है, इसमें राजदूत गणों का अहम योगदान है. उन्होंने कहा कि 25 करोड़ आबादी वाला उत्तर प्रदेश भारत में सबसे बड़ी आबादी का प्रदेश है. भारत में खाद्यान्न उत्पादन में यूपी प्रथम स्थान पर है. शुगर और एथेनाल का उत्पादन सर्वाधिक यहीं होता है. विभिन्न सब्जियों और फलों के उत्पादन में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए ‘ट्रिपल टी’ का मंत्र दिया है. ट्रिपल टी यानी ‘ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म. उत्तर प्रदेश इन मंत्रों को आत्मसात कर लगातार आगे बढ़ रहा है. बड़ी संख्या में प्रदेश के नागरिक दक्षिण-पूर्व एशिया, खाड़ी देशों में प्रवास करते है. इनमें बड़ी संख्या अकुशल श्रमिकों की है. अकुशल होने के कारण आमतौर पर उनका पारिश्रमिक भी कम होता है. सरकार इनके कौशल उन्नयन के लिए प्रयासरत है. राजदूत गणों के सहयोग से ऐसे लोगों को चिन्हित कर इनके कौशल संवर्धन के काम किया जा सकता है.
सीएम योगी ने कहा कि नीति आयोग से चिन्हित प्रदेश के 08 आकांक्षात्मक जिलों बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बहराइच और श्रावस्ती में विकास के सभी मानकों पर नियोजित कार्य किया जा रहा है. नीति आयोग द्वारा सतत रियल टाइम मॉनीटरिंग डैशबोर्ड (चैंपियन ऑफ चेंज) के अनुसार जारी रैंकिंग में इन जिलों ने अच्छा स्थान प्राप्त किया है. देश के कुल 112 आकांक्षात्मक जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने वाले जिलों की नवीनतम सूची में हमारे 06 जिले शीर्ष 10 में शामिल हैं. जबकि शीर्ष 20 में यूपी के सभी 08 जिले शामिल हैं.
राज्य सरकार ने आकांक्षात्मक विकासखंडों के सामाजिक-आर्थिक सुधार के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है. कुल 100 आकांक्षात्मक विकासखंडों का चयन पूरा हो गया है. स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, आधारभूत संरचना आदि क्षेत्र के तय 75 इंडिकेटर पर इन आकांक्षात्मक विकासखंडों के समग्र विकास के प्रयास किए जा रहे हैं. आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है. तकनीकी/प्रबंधन डिग्रीधारी विजनरी युवाओं के लिए यह एक शानदार अवसर होगा.
प्रदेश के पारंपरिक शिल्पकला के प्रोत्साहन के लिये शुरू की गई अभिनव एक जनपद , एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) हमारी विरासत की प्रतीक है. पिछले 05 वर्षों में निर्यात लगभग 88 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये हो गया है. प्रदेश सरकार ने प्लास्टिक पार्क, टॉय पार्क, फ़िल्म सिटी, लॉजिस्टिक पार्क, मेगा लेदर पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे सेक्टर आधारित प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही है.
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