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UP Chunav 2022: मायावती को जन्मदिन पर अखिलेश यादव देंगे झटका! भीम आर्मी और सपा के गठबंधन पर बनी बात

Updated at : 15 Jan 2022 9:34 AM (IST)
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UP Chunav 2022: मायावती को जन्मदिन पर अखिलेश यादव देंगे झटका! भीम आर्मी और सपा के गठबंधन पर बनी बात

UP Chunav 2022: चन्द्रशेखर का उभार पिछले दो-तीन सालों में दलित नेता को तौर पर हुआ है. उनके साथ दलित युवाओं की अच्छी खासी भीड़ भी देखी जा सकती है.

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UP Chunav 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों की तरफ से जोड़-तोड़ की राजनीति का दौर जारी है. सभी पार्टियां अपने गठबंधन को मजबूत करने में लगी हुईं हैं. वहीं बनते बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों के बीच सूबे में आज एक बदलाव देखने को मिल सकता है. आजाद समाज पार्टी के नेता चन्द्रशेखर रावण (Chandrashekhar Azad) और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) आज बड़ा ऐलान कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी और भीम आर्मी के बीच गठबंधन तय हो गया है.

मायावती को लगेगा झटका!

वहीं चंद्रशेखर आजाद ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन पक्का हो गया है और आज ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दूंगा. बता दें कि भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के दफ्तर पहुंचकर अखिलेश यादव से मिले थे. खबरों की मानें तो भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर पिछले कुछ दिनों से बातचीत चल रही है, जो अब पूरी हो चुकी है. अगर दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन होता है तो ये मायावती के लिए अच्छी खबर नहीं होगी. बता दें कि आज मायावती का जन्मदिन भी है. मायवती और चंद्रशेखर आजाद दलित समुदाय की एक ही जाति से आते हैं और एक ही क्षेत्र से हैं.

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दोनों जाटव समाज से संबंध रखते हैं. इस लिहाज से पश्चिमी यूपी में अगर सपा अपने साथ चंद्रशेखर मिलाती है तो बपसा के वोट में कुछ सेंध लग सकती है.दरअसल उत्तरप्रदेश में करीब 22 प्रतिशत दलित आबादी रहती है ये समुदाय पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर सीधा अपना प्रभाव रखते हैं. इतना ही नहीं यूपी की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 85 सीटें दलितों के लिए आरक्षित हैं. इन सीटों पर बसपा का काफी अच्छा जनाधार है लेकिन पिछले दो चुनावों में यहां भी मायावती को नुकसान हुआ है. चन्द्रशेखर का उभार पिछले दो-तीन सालों में दलित नेता को तौर पर हुआ है. उनके साथ दलित युवाओं की अच्छी खासी भीड़ भी देखी जा सकती है.

बता दें अखिलेश यादव की अगुवाई में सपा ने यूपी चुनाव के लिए अब तक सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट),राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी),अपना दल (कमेरावादी), प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), महान दल, टीएमसी से गठबंधन किया है.

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