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पश्चिमी सिंहभूम में इस जगह पिकनिक मनाने दूर-दूर से आते हैं सैलानी, 300 फीट ऊपर से गिरता है झरने का पानी

Updated at : 14 Dec 2023 11:26 PM (IST)
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पश्चिमी सिंहभूम में इस जगह पिकनिक मनाने दूर-दूर से आते हैं सैलानी, 300 फीट ऊपर से गिरता है झरने का पानी

पश्चिमी सिंहभूम के आसपास कई झरने हैं, जो लोगों को आकर्षित करते हैं. मगर जिला मुख्यालय चाईबासा से 65 किमी दूर हिरणी फॉल की प्राकृतिक सुंदरता लोगों को दूर-दूर से खींचकर ले आती है.

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पश्चिमी सिंहभूम के आसपास कई झरने हैं, जो लोगों को आकर्षित करते हैं. मगर जिला मुख्यालय चाईबासा से 65 किमी दूर हिरणी फॉल की प्राकृतिक सुंदरता लोगों को दूर-दूर से खींचकर ले आती है. यहां के मनभावन नजारे के बीच पिकनिक मनाने का मजा ही कुछ और है. लोग नये साल पर यहां अपने परिवार और दोस्तों के साथ आते हैं. पहाड़ियों के बीच गिरता झरना और हरे-भरे पेड़ पौधों के बीच पिकनिक का आनंद कई गुना बढ़ जाता है.

बंदगांव प्रखंड में स्थित है हिरणी फॉल

हिरणी फॉल पश्चिम सिंहभूम के बंदगांव प्रखंड में स्थित है. झरने का पानी 300 फीट ऊपर से गिरता है. हिरणी फॉल की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां की खूबसूरत वादियां हैं. ये घने जंगलों के बीच पहाड़ियों में स्थित है. यहां दिसंबर के पहले सप्ताह से सैलानियों का आना आरंभ हो जाता है. जो मार्च तक जारी रहता है. इसके बाद भी काफी लोग आते हैं, मगर गर्मी के कारण हरियाली थोड़ी कम हो जाती है. चारों ओर पहाड़ों से घिरा होने के कारण लोग प्रकृति से यहां खुद को अच्छे से जोड़ पाते हैं. यहां आने वाले ज्यादातर सैलानी वनभोज करते हैं. वनभोज के लिए लोगों को फॉल से कुछ दूर पर सारा समान मिल जाता है.

सैलानियों के ठहरने के लिए रेस्ट हाउस की भी व्यवस्था

सरकार की ओर से पर्यटकों की सुविधा के लिए विकास किया जा रहा है. कुछ साल पहले यहां पर्यटकों को लुभाने के लिए आकर्षक पार्क का भी निर्माण कराया गया है. सैलानियों के ठहरने लिए बड़ा रेस्ट हाउस की भी व्यवस्था है. इसके अलावा अगर आप ग्रामीण परिवेश में अपना समय बिताना चाहते हैं तो ग्रामीणों द्वारा ठहरने की व्यवस्था की जाती है. पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिसंबर से मार्च तक यहां के ग्रामीण दुकान भी लगाते हैं. ये उनके आय का मुख्य साधन है. पर्यटकों के लिए वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था है. हिरणी फॉल के आसपास के इलाकों में दिसंबर से लेकर मार्च तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है. दिन और रात पुलिस की गश्ती होती है. नक्सली क्षेत्र होने के कारण शाम के बाद इस स्थान पर पर्यटकों के रहने की मनाही है. मगर पास के गेस्ट हाउस में लोग रात में भी रुक सकते हैं. हिरणी जल प्रपात चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 45 किलोमीटर दूर है. सीकेपी स्टेशन से उतरकर हिरणी जल प्रपात जाने के लिए बस मिलती है. इसके अलावा स्टेशन के बाहर से छोटे वाहनों की भी बुकिंग कर परिवार और दोस्तों के साथ हिरणी जल प्रपात पहुंचा जा सकता है.

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