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पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर के 10 सामुदायिक शौचालय में 9 पर लटके ताले, 27 लाख रुपये का एक शौचालय ध्वस्त

Updated at : 11 Oct 2022 8:38 AM (IST)
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पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर के 10 सामुदायिक शौचालय में 9 पर लटके ताले, 27 लाख रुपये का एक शौचालय ध्वस्त

चक्रधरपुर शहर को खुले में शौच से मुक्त करने के अभियान के तहत साढ़े तीन किमी के दायरे में 2.70 करोड़ रुपये खर्च कर कुल 10 आधुनिक सामुदायिक शौचालय बना दिये गये. 10 शौचालयों में 7 शौचालय का निर्माण संजय नदी किनारे किया गया है. नदी किनारे बने शौचालयों को लोग पैसों का दुरुपयोग ही मान रहे हैं.

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West Singhbhum News: चक्रधरपुर शहर को खुले में शौच से मुक्त करने के अभियान के तहत साढ़े तीन किमी के दायरे में 2.70 करोड़ रुपये खर्च कर कुल 10 आधुनिक सामुदायिक शौचालय बना दिये गये. 10 शौचालयों में 7 शौचालय का निर्माण संजय नदी किनारे किया गया है. नदी किनारे बने शौचालयों को लोग पैसों का दुरुपयोग ही मान रहे हैं.

नौ शौचालय में लटके ताले

10 शौचालय में से मात्र एक अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर के पास बना शौचालय खुला रहता है. जबकि बाकी 9 बंद हैं एवं ताला लटका रहता है. कई की पानी टंकी उड़ गयी है, कई में बिजली कनेक्शन नहीं है. इधर शौचालय निर्माण में सरकार की 2.70 करोड़ रुपए राशि खर्च कर रेवेन्यू उठाने की बात थी. परंतु विभाग के अधिकारियों द्वारा स्थल का चयन सही नहीं होने के कारण सरकार के पास रेवेन्यू नहीं आ रहा है. इससे साफ पता चलता है कि सरकार की राशि का बंदरबांट शौचालय निर्माण में हुआ है.

बगैर जांच के नदी किनारे बना दिये शौचालय

एक तरफ सरकार घर-घर में शौचालय का निर्माण कराना चाहती है. वहीं दूसरी तरफ नदी किनारों पर अधिकतर सामुदायिक शौचालय का निर्माण करा दिया गया. जिसकी जरूरत नहीं थी. नदी किनारे सामुदायिक शौचालय होने के कारण लोग वहां नहीं जाते है.

कहां-कहां बने हैं सामुदायिक शौचालय

कुदलीबाड़ी श्मशान घाट, प्रखंड कार्यालय भवन समीप, अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर, बलिया घाट पुरानीबस्ती, सीढ़ी घाट पुरानीबस्ती, मां पाउड़ी मंदिर पुरानीबस्ती, दंदासाई नदी घाट, स्लमबस्ती दंदासाई, बंगलाटांड व पंपरोड में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है.

दंदासाई में बना सामुदायिक शौचालय ध्वस्त

2019 में संजय नदी में आयी भीषण बाढ़ के कारण दंदासाई नदी किनारे बना 27 लाख रुपये का सामुदायिक शौचालय ध्वस्त हो गया है. इसके अलावा नदी किनारे स्थित सभी शौचालयों में नदी के बाढ़ का पानी घुस जाने से जाम है. परंतु नगर परिषद के लापरवाही के कारण सामुदायिक शौचालयों की सफाई नहीं की गई. जिसके कारण कई शौचालय के दरवाजा, खिड़की, सिंटेक्स टंकी आदि क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

प्रत्येक शौचालय पर खर्च हुए व करीब 27 लाख

प्रत्येक सामुदायिक शौचालय पर करीब 27 लाख रुपये खर्च किये गये हैं. नदी किनारे बने शौचालय शोभा की वस्तु बन गये है. शहर में जहां जरूरत थी, वैसे जगहों पर शौचालय नहीं बना. बस स्टैंड, बाजार, अनुमंडल कार्यालय, रेलवे स्टेशन, महाविद्यालय आदि जगहों पर सामुदायिक शौचालय बनाने की जरुरत है.

क्या कहते हैं अधिकारी

चक्रधरपुर शहर में निर्माण सामुदायिक शौचालय की विस्तार पूर्वक जानकारी लेकर नगर परिषद चक्रधरपुर को निर्देश दिया जाएगा. ताकि शौचालय का उपयोग जनता के लिए हो सके. और सरकार को रेवेन्यू मिल सके. इस मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई की जाएगी.

अनन्या मित्तल, उपायुक्त पश्चिम सिंहभूम

रिपोर्ट : रवि मोहंती, चक्रधरपुर

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Rahul Kumar

लेखक के बारे में

By Rahul Kumar

Senior Journalist having more than 11 years of experience in print and digital journalism.

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