PHOTOS: बंगाल में बना भव्य ‘धन धान्य’ ऑडिटोरियम, 440 करोड़ रुपये खर्च, जानें क्या हैं इसकी खूबियां

पश्चिम बंगाल में एक बेहद शानदार और भव्य ऑडिटोरियम का निर्माण कराया गया है. नाम दिया गया है- धन धान्य ऑडिटोरियम. राजधानी कोलकाता के अलीपुर में स्थित इस प्रेक्षागृह के निर्माण पर बंगाल सरकार ने 450 करोड़ रुपये खर्च किये हैं.

पश्चिम बंगाल में एक बेहद शानदार और भव्य ऑडिटोरियम का निर्माण कराया गया है. नाम दिया गया है- धन धान्य ऑडिटोरियम. राजधानी कोलकाता के अलीपुर में स्थित इस प्रेक्षागृह के निर्माण पर बंगाल सरकार ने 450 करोड़ रुपये खर्च किये हैं.

शंख के आकार के धन धान्य ऑडिटोरियम को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेश के विकास और नवाचार का प्रतीक करार दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कुशल कामगारों की कड़ी मेहनत ने इस सपने को साकार किया है.

इस ऑडिटोरियम के निर्माण में 600 मजदूरों ने दिन-रात काम किया. ऑडिटोरियम के अंदर की संरचना 6500 मीट्रिक स्टील से बनी है, जबकि बाहरी हिस्सा महंगे जस्ते की चादर से बनाया गया है. इसे जर्मनी से मंगाया गया.

यहां जो लाइट्स लगी हैं, वह भी विशेष हैं. खासकर कार्यक्रम के दौरान जलने वाली लाइट्स. इनमें से 33 हजार तरह की रोशनी निकलेगी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वर्ष 2018 में इसका निर्माण शुरू हुआ था. कोरोना संकट के बावजूद इतने बड़े ऑडिटोरियम का निर्माण समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया गया.

ऑडिटोरियम में तीन सभागार बनाये गये हैं. सबसे बड़े सभागार में 2,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. छाेटे सभागार में 600 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. पार्किंग स्थल में 300 कारों की क्षमता है.

नुक्कड़ नाटक के लिए अलग से स्थल है, जहां 350 लोग खड़े होकर नाटक देख सकेंगे. इसके अलावा ऑडिटाेरियम में 36 बेड की सुविधा वाला गेस्ट हाउस, रेस्तरां व कैफेटेरिया भी बनाया गया है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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