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ज्ञानवापी मस्जिद में वजू की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल, 14 अप्रैल को होगी सुनवाई, ये है मामला

Updated at : 10 Apr 2023 1:16 PM (IST)
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ज्ञानवापी मस्जिद में वजू की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल, 14 अप्रैल को होगी सुनवाई, ये है मामला

मुस्लिम पक्ष ने रमजान के महीने में वजू के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाने की मांग की. अधिवक्ता ने कहा कि वजू के पानी का इस्तेमाल फिलहाल ड्रम से किया जा रहा है. रमजान के मद्देनजर नमाजियों की संख्या में इजाफा हुआ है. प्रधान न्यायाधीश ने इस मामले में 14 अप्रैल को सुनवाई की तारीख तय की.

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Varanasi: वाराणसी के ज्ञानवापी-काशी विश्वनाथ विवाद मामले में मुस्लिम पक्ष की नई याचिका सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर ली है. सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई के लिए 14 अप्रैल की तारीख तय कर दी है. इस याचिका में मुस्लिम पक्ष ने कहा था कि उन्हें मस्जिद परिसर के अंदर रमजान के दौरान वजू की अनुमति दी जाए. धार्मिक कार्य के लिए मुंह-हाथ धोने को वजू कहा जाता है.

वजूखाना सील करने को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में

इस मामले को लेकर अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में रमजान के पवित्र महीने के दौरान नमाज अदा करने से पहले वजूखाना को सील किए जाने को लेकर समिति सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. मस्जिद समिति की ओर से अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने पीठ से मामले की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया.

वजू के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाने की मांग

उन्होंने रमजान के महीने में वजू के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाने की मांग की. अधिवक्ता ने कहा कि वजू के पानी का इस्तेमाल फिलहाल ड्रम से किया जा रहा है. रमजान के मद्देनजर नमाजियों की संख्या में इजाफा हुआ है. मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने इस मामले में 14 अप्रैल को सुनवाई की तारीख तय की.

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शिवलिंग और फव्वारे को लेकर दोनों पक्ष के दावे

दरअसल अब तक जहां वजू किया जाता था, वहां कथित तौर पर शिवलिंग मिला है और इसके बाद प्रशासन ने उस स्थान को सील कर दिया है. पिछले साल मई में वाराणसी की एक सिविल कोर्ट ने मस्जिद के एक वीडियो सर्वेक्षण की अनुमति दी थी, जिसमें पाया गया कि परिसर में एक अंडाकार वस्तु मौजूद थी. हिंदू पक्ष ने इसके शिवलिंग होने का दावा किया है. हालांकि, मुस्लिम पक्षकारों ने इस पर विरोध करते हुए कहा कि यह केवल एक पानी का फव्वारा है. इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई, 2023 को उस क्षेत्र को संरक्षित करने का आदेश दिया.

हिंदू पक्ष को मिली 21 अप्रैल की तारीख

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष की याचिकाओं को लेकर भी तारीख तय कर दी गई है. हिंदू पक्ष की याचिकाओं पर 21 अप्रैल को सुनवाई की जाएगी. हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने बताया कि ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर वाराणसी की एक अदालत में याचिकाएं दायर की गई थी. उन्होंने वहां बार-बार फैसला टालने का आरोप लगाया. इसके बाद वकील विष्णु जैन की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल की तारीख दी है. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है.

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Sanjay Singh

लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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