भ्रष्टाचार के कारण सरकारी योजनाओं का नहीं मिलता लाभ, PM आवास योजना के लिए दो किस्त में घूस लेते हैं बिचौलिये

Updated at : 23 Jan 2023 9:10 AM (IST)
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भ्रष्टाचार के कारण सरकारी योजनाओं का नहीं मिलता लाभ, PM आवास योजना के लिए दो किस्त में घूस लेते हैं बिचौलिये

उप विकास आयुक्त शशि प्रकाश सिंह का कहना है कि पीएम आवास में रिश्वत मांगने के मामले की जांच करायी जायेगी. लाभुकों की शिकायत सही पाये जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

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धनबाद, संजीव झा: वर्षों पंचायत व प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाया. योजना स्वीकृत हुई, लेकिन घूस की राशि नहीं दे पाये, तो प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि नहीं मिली. लिहाजा अपने आशियाना का सपना साकार नहीं हो पाया और परलोक सिधार गये. परिजन अब भी मनरेगा में मजदूरी कर टूटे-फूटे खपड़ैल मकान में रह रहे हैं. यह कहानी है गोविंदपुर प्रखंड के बिराजपुर पंचायत के कटाहीटांड़ मझलाडीह के गुरु गोविंद साव की.

गुरु गोविंद साव की पत्नी उर्मिला देवी के अनुसार उनके पति ने कई बार पीएम आवास के लिए आवेदन दिया. पंचायत व प्रखंड स्तर पर चक्कर लगाया. आवेदन स्वीकृत भी हुआ. लाभुकों की सूची में नाम भी आ गया, लेकिन बिचौलिया ने 15 हजार रुपया घूस की मांग की. उसका कहना था कि 10 हजार रुपया एडवांस देने होंगे, तब पहली किस्त की राशि चली जायेगी. इसके बाद पांच हजार रुपये और घूस देने पर दूसरी व तीसरी किस्त की राशि मिलेगी. उर्मिला देवी के अनुसार उनके पति ने काफी मिन्नत की पर बात नहीं बनी. तब सब मिल कर घूस की राशि के जुगाड़ में लग गये. दुखी होकर कहती हैं कि दैनिक मजदूर होने के कारण इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था नहीं कर पाये.

घूम-घूम कर लाठी बेचने वाले को भी नहीं मिल रहा घर

मरिचो पंचायत के घनुआडीह पंचायत के राम प्रसाद सिंह व पूरण सिंह ने भी पीएम आवास के लिए कई बार आवेदन दिया. दोनों मनरेगा मजदूर हैं. ज्यादातर दिन दोनों दैनिक मजदूर के रूप में काम करते हैं. बांस काट कर डिजाइनदार लाठी बना कर बेचते हैं. दोनों ही मिट्टी के मकान में रहते हैं. उनका कहना है कि पीएम आवास के लिए क्षेत्र के बिचौलिया 15 हजार रुपया मांगते हैं. कुछ पैसा दे कर उन्होंने फॉर्म भी भरवाया, पर आज तक न योजना स्वीकृत हुई और न ही कोई राशि मिली.

हर गड़बड़ी की जांच करा कार्रवाई की जायेगी

उप विकास आयुक्त शशि प्रकाश सिंह का कहना है कि पीएम आवास में रिश्वत मांगने के मामले की जांच करायी जायेगी. लाभुकों की शिकायत सही पाये जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

तीन किस्तों में मिलती है राशि

हर गरीब को आशियाना उपलब्ध कराने के लिए सरकार पीएम आवास योजना पर फोकस किये हुए है. इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में लाभुकों को 1.20 लाख रुपये मिलते हैं. पहली किस्त में 75 हजार, दूसरी किस्त में 40 तथा अंतिम किस्त में पांच हजार रुपये मिलते हैं. इसके अलावा मनरेगा के तहत अधिकतम 90 दिनों की मजदूरी की राशि मानव दिवस के रूप में मिलती है.

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