Moti Jharna Waterfall: झारखंड के इस झरने में विराजते हैं भगवान शंकर, जानें मोती झरना वाटरफॉल के बारे में
Published by : Shaurya Punj Updated At : 19 Aug 2023 7:14 AM
Moti Jharna Waterfall: मोती झरना अपने किसी भी आगंतुक को लुभाने में कभी असफल नहीं हुआ है. राज्य के सबसे सुंदर स्थानों में से एक, यह एक रमणीय दृश्य है. यहां, पानी एक छोटी पहाड़ी धारा के ऊपर से गिरता है और लगभग 50 से 60 फीट ऊंची दो चट्टानों पर गिरता है.
Moti Jharna Waterfall: तालझारी प्रखंड के महाराजपुर मोती झरना पहाड़ की एक गुफा में स्थित है भगवान भोले शंकर की शिवलिंग. प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पहाड़ की विशाल चटटानों के बीच बने गुफा में विराजते हैं भगवान शंकर. यहाँ का दृश्य मनोरम है. साथ हीं झरने से गिरता पानी की बुँदे मन को लुभाता है. ऊँचे ऊँचें पहाड़ और झरने के आसपास लगे केले के पत्ते और आसपास की हरियाली इस जलप्रपात की ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं. यह प्रपात राजमहल क्षेत्र में अजय नदी पर स्थित है. इस प्रपात की ऊंचाई 150 फ़ीट है.
मोती झरना है खास
मोती झरना अपने किसी भी आगंतुक को लुभाने में कभी असफल नहीं हुआ है. राज्य के सबसे सुंदर स्थानों में से एक, यह एक रमणीय दृश्य है. यहां, पानी एक छोटी पहाड़ी धारा के ऊपर से गिरता है और लगभग 50 से 60 फीट ऊंची दो चट्टानों पर गिरता है. यह झरना महाराजपुर के पास स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है और गर्म दिनों में पिकनिक स्थल के रूप में कार्य करता है. ऐसा माना जाता है कि राजमहल पहाड़ियों में अपने स्रोत के साथ एक प्राकृतिक जलधारा शांत रूप से बहती है जिससे मोती झरना देखने लायक होता है.
मोती झरना क्यों है खास
इस स्थल को ऐसे तो पर्यटक विभाग द्वारा पर्यटक स्थल की संज्ञा काफी पहले दी गई है. परंतु यहां पर श्रद्धालुओं के लिए जो सुविधाएं उपलब्ध है वह लोगों को मुंह चिढ़ाने के लिये काफी है. प्रखंड की ओर से तीन वर्ष पूर्व मोती झरना तक जाने के लिए एक सड़क का निर्माण किया गया था पर उसी साल वर्षा की पानी में बह गया जिसे आज तक मरम्मत करने की आवश्यकता किसी को नहीं जान पड़ी. इसके अलावा यहां पर एक विश्रामालय तो है पर छोटे होने के कारण श्रद्धालु के उपयोग से दूर ही रह जाते हैं.
मोती झरना कैसे जाएँ
झरना तक जाने के लिए सड़के अच्छी है आप आसानी से अपने दो या चार पहिये वाहनों यह ऑटो के माध्यम से जा सकते हैं
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निकटतम बस स्टैंड – तालझारी बस स्टैंड
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निकटतम रेलवे स्टेशन – महाराजपुर रेलवे स्टेशन यह 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है
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निकटतम हवाई अड्डा – हवाई अड्डा रांची हवाई अड्डा और पटना हवाई अड्डा
मसानजोर डैम
झारखंड के दुमका जिले में स्थित मसानजोर डैम मयूराक्षी नदी के तट पर बना हुआ है. सुंदरता की श्रंखला पर यह डैम सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है .इस डैम के नजारे का लुफ्त उठाने दूर दूर से पर्यटक यहां साल भर आते रहते है . इसकी ऊंचाई लगभग 47.25 मी और लंबाई 661.58 मी मापी गई है . यह जलाशय करीबन 67.4 वर्ग किमी में फैला हुआ है.इस डैम को लोग कनाडा डैम के नाम से भी जानते हैं.
मैथन डैम
धनबाद जिले से 48 किमी दूर पर स्थित मैथन डैम धनबाद को अलग ही छवि प्रदान करती है . मैथन डैम कई वर्षों से पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र बना हुआ है .इस डैम की ऊंचाई 165 फीट और लंबाई 15,712 फीट मापी गई है . मैथन डैम बराकर नदी के तट पर स्थित है. यहां पर कई पिकनिक स्पॉट भी अवस्थित है. नव वर्ष में यहां पिकनिक मनाने के लिए सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ती है. यहां पर बोटिंग की भी सुविधा उपलब्ध है.
तिलैया डैम
तिलैया डैम झारखंड के कोडरमा जिले में बराकर नदी पर स्थित है . यह डैम काफी सुंदर है और मनमोहक है . तिलैया डैम की ऊंचाई लगभग 99 फीट और लंबाई 1201 फीट है . लोग अपने छुट्टियों में यहां घूमना बेहद पसंद करते हैं .
पतरातु डैम
झारखंड की राजधानी रांची से 40 किमी की दूरी पर स्थित पतरातु डैम को नलकरी के जल संरक्षण से बनाया गया है . पर्यटकों के आकर्षण का पात्र बने इस डैम का सौंदर्यीकरण कुछ इस ढंग से किया गया है कि मानो यह पर्यटकों का मन मोहने में जरा भी पीछे नहीं हटता . सूर्यास्त के समय का वो दृश्य सभी का में मोह लेता है . उस क्षण को सभी अपने पास कैमरे में कैद करने की कोशिश करते हैं.
कांके डैम
रांची के गोंदा हिल्स की निचले भाग में स्थित कांके डैम रांची की सबसे सुंदर पर्यटक स्थलों में से एक है . बोटिंग के साथ साथ साथ पर्यटक यहां पिकनिक का भी लुफ्त उठाते हैं. शाम के वक्त की दृश्य काफी मनमोहक होती है . सूर्य की लालिमा पूरे बादल को लाल कर देती है जो कि काफी आकर्षित होता है . धीरे धीरे डूबता हुआ सूर्य प्रेमी जोड़ों को और भी रोमांचित करता है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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