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PHOTOS: भारत के इस मंदिर में पुरुषों का जाना है वर्जित, स्त्री बनने पर ही मिलती है एंट्री

Updated at : 06 Dec 2023 4:12 PM (IST)
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PHOTOS: भारत के इस मंदिर में पुरुषों का जाना है वर्जित, स्त्री बनने पर ही मिलती है एंट्री

Kerala Kottankulangara Devi Temple: भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है. विदेश से भी पर्यटक इन मंदिरों में दर्शन के लिए आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसा भी मंदिर है जहां पुरुषों का जाना वर्जित है. आइए जानते हैं उस मंदिर के बारे में.

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Kerala Kottankulangara Devi Temple: भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है. यहां पर सभी हिस्सों में मंदिर स्थित है. विदेश से भी पर्यटक इन मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसा भी मंदिर है जहां पुरुषों का जाना वर्जित है. इस मंदिर में सिर्फ महिलाएँ ही पूजा करने जा सकती हैं. आइए जानते हैं उस मंदिर के बारे में.

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कहां स्थित है यह मंदिर

इस आर्टिकल में हम बात कर रहे हैं भारत में स्थित उस मंदिर के बारे में जहां पुरुषों का जाना वर्जित है. तो बता दें यह मंदिर केरल के कोल्लम जिले में स्थित है. इस मंदिर में देवी मां की पूजा की जाती है. स्थानायी लोगों का मानना है कि यहां की कोत्तानकुलांगरा देवी यानी अम्मा बहुत महिमामयी हैं, लेकिन पुरुष इस मंदिर में दर्शन करने नहीं जा सकते हं. उनके लिए अगल से यहां नियम बनाए गए हैं. जिसका इस मंदिर में सख्ती से पालन होता है. अगर पुरुष इस मंदिर में प्रवेश करना चाहते हैं तो उन्हें पारंपरिक पोशाक पहननी पड़ती है.

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पुरुषों को दर्शन के लिए क्या करना पड़ता है

केरल के इस मंदिर में अगर कोई पुरुष देवी का दर्शन करना चाहता है तो उसे महिलाओं की तरह तैयार होना पड़ता है. यानी की पुरुष को साड़ी, आंखों और होठों पर लिपस्टिक लगाने पड़ते हैं और सिर पर फूल लगाने होते हैं इसके बाद से मंदिर में प्रवेश दिया जाता है.

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ऐसा क्यों किया जाता है

दरअसल इस प्रथा के पीछे अनेकों कहानियां है. केरल के कोल्लम जिले में स्थित इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि एक बार साड़ी पहने कुछ चरवाहों ने पास के एक पत्थर की पूजा की, उन लोगों ने इसमें दैवीय शक्ति देखी और इसे कोट्टन कहा और एक मंदिर बनाया. तभी से यहां पुरुष महिलाओं की पोशाक पहनकर ही पूजा करते हुए आ रहे हैं. वैसे इस मंदिर में सिर्फ महिलाएं ही पूजा करने आती हैं. अगर किसी पुरुष को इस मंदिर में पूजा करनी होती है तो उन्हें महिलाओं की तरह सजना संवरना पड़ता है.

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Shweta Pandey

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By Shweta Pandey

Shweta Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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