मौनी अमावस्या पर इन चीजों का करें ये दान, जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और स्नान-दान के नियम
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 05 Feb 2024 7:25 PM
Mauni Amavasya 2024: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब माघ के महीने में चंद्रमा और सूर्य मकर राशि में एक साथ होते हैं, तब मौनी अमावस्या मनाते हैं, इस दिन स्नान-दान करने से व्यक्ति को जीवन में कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं.
Mauni Amavasya 2024: हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या बहुत श्रेष्ठ मानी जाती है, इस साल मौनी अमावस्या 9 फरवरी यानी शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी. इस दिन स्नान-दान करने से व्यक्ति को जीवन में कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं. पंचांग के अनुसार माघ मास की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मुनि ऋषि का जन्म हुआ था, इसलिए मुनि शब्द से ही मौनी शब्द की उत्पत्ति मानी जाती है. मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत भी रखा जाता है. मौनी अमावस्या के दिन स्नान कर दान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है. पितरों का तर्पण कर उन्हें प्रसन्न करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है. आइए जानते हैं मौनी अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए.
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने की मौनी अमावस्या तिथि का आरंभ 9 फरवरी सुबह 8 बजकर 2 मिनट पर होगा. यह अगले दिन 10 फरवरी को सुबह 4 बजकर 28 मिनट तक रहेगी. मौनी अमावस्या के दिन गंगाजल में स्नान करना और दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब माघ के महीने में चंद्रमा और सूर्य मकर राशि में एक साथ होते हैं, तब मौनी अमावस्या मनाते हैं. चंद्रमा और सूर्य दोनों ही ग्रहों की ऊर्जा के प्रभाव से इस दिन का महत्व अधिक रहता है, इसलिए मकर में सूर्य और चंद्र के एकत्र होने पर मौनी अमावस्या मनाई जाती है. यही कारण है कि इस दिन दान करने से व्यक्ति को शुख शांति अधित मिलती है. स्नान-दान आदि के अलावा इस दिन पितृ श्राद्ध भी किया जाता है.
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मौनी अमावस्या के दिन चावल का दान करना उत्तम माना गया है, इस दिन आप श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों को चावल का दान करें. इस दिन गरीब लोगों को जरूरत की चीजों को दान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है. सरसों का तेल, कंबल, अनाज, शक्कर आदि. शास्त्रों में बताया गया है कि मौनी अमावस्या के दिन दान-पुण्य करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और पाप का नाश होता है, जो लोग इस दिन सामर्थ अनुसार दान करते हैं उनको शुभ फलों की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों को उनके लोक की यात्रा में यही भोजन प्राप्त होता है और वह इसे ग्रहण कर तृप्त होते हैं और उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है.
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By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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