11 जनवरी 2025 को यहां मिल रहा सबसे सस्ता सिलेंडर, 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर आपके शहर में कितने में मिलेगा, यहां देखें

झारखंड के किस जिले में आज कितनी है 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत.
LPG Cylinder Price Today 11 January 2025 : 11 जनवरी 2025 को झारखंड के किस जिले में एलपीजी सिलेंडर सबसे सस्ता मिल रहा है? किस जिले में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए और किस जिले में कीमत हुई कम? आपके शहर या जिले में आज 14.2 किलो के रसोई गैस सिलेंडर की कितनी है कीमत, यहां देखें.
LPG Cylinder Price Today in Jharkhand 11 January 2025: झारखंड में 11 जनवरी 2025 को 14.2 किलो का सबसे सस्ता एलीपीजी सिलेंडर कहां मिल रहा है? किस जिले में आज एक सिलेंडर की कीमत सबसे ज्यादा है? अगर आपको नहीं मालूम, तो हम बताते हैं कि कहां आज सबसे सस्ता सिलेंडर मिल रहा है. पूर्वी सिंहभूम जिले में घरेलू रसोई गैस का एक सिलेंडर 842.50 रुपए में मिल जाएगा. हजारीबाग और कोडरमा जिले में इसी सिलेंडर के लिए आपको 862 रुपए चुकाने होंगे. सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल के मुताबिक, झारखंड की राजधानी रांची के साथ-साथ रांची, धनबाद, गिरिडीह, देवघर और बोकारो में अगर आप 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर खरीदेंगे, तो इसके लिए आपको 860.50 रुपए देने होंगे. पश्चिमी सिंहभूम में एलपीजी सिलेंडर का भाव 852 रुपए है. बिहार की सीमा से सटे चतरा जिले में एलपीजी सिलेंडर का भाव 859.50 रुपए, सरायकेला-खरसावां में 843 रुपए है. इस तरह झारखंड में आज सबसे सस्ता सिलेंडर जमशेदपुर में और सबसे महंगा हजारीबाग और कोडरमा में मिल रहा है. झारखंड के बाकी 17 जिलों में आज आपको गैस सिलेंडर 860.50 रुपए में मिलेगा. आज आपके जिले में या झारखंड के किस जिले में एक सिलेंडर का क्या रेट है, इसका पूरा चार्ट आप यहां देख सकते हैं.
आपके जिले में आज एलपीजी सिलेंडर का कितना है दाम, यहां देखें
| जिला का नाम | एलपीजी सिलेंडर की कीमत |
| बोकारो | 860.50 रुपए |
| चतरा | 859.50 रुपए |
| देवघर | 860.50 रुपए |
| धनबाद | 860.50 रुपए |
| दुमका | 860.50 रुपए |
| पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) | 842.50 रुपए |
| गढ़वा | 860.50 रुपए |
| गिरिडीह | 860.50 रुपए |
| गोड्डा | 860.50 रुपए |
| गुमला | 860.50 रुपए |
| हजारीबाग | 862.00 रुपए |
| जामताड़ा | 860.50 रुपए |
| खूंटी | 860.50 रुपए |
| कोडरमा | 862.00 रुपए |
| लातेहार | 860.50 रुपए |
| लोहरदगा | 860.50 रुपए |
| पाकुड़ | 860.50 रुपए |
| पलामू | 860.50 रुपए |
| रामगढ़ | 862.00 रुपए |
| रांची | 860.50 रुपए |
| साहिबगंज | 860.50 रुपए |
| सरायकेला-खरसावां | 843.00 रुपए |
| सिमडेगा | 860.50 रुपए |
| पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) | 852.00 रुपए |
कैसे और कब तय होती है एलपीजी सिलेंडर की कीमत
एलपीजी की कीमत वैश्विक कच्चे ईंधन की कीमतों के आधार पर तय होती है. सरकारी तेल कंपनियां ही एलपीजी सिलेंडर की कीमतें तय करतीं हैं. कई तरह के टैक्स लगने की वजह से अलग-अलग राज्यों में इसकी कीमत अलग-अलग हो जाती है. एक ही राज्य के अलग-अलग शहरों या जिलों में भी इसकी कीमत अलग-अलग हो सकती है. झारखंड में भी अलग-अलग जिलों में 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत अलग-अलग होती है.
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झारखंड में सबसे महंगा गैस सिलेंडर कहां मिलता है?
झारखंड में 14.2 किलोग्राम का गैस सिलेंडर हजारीबाग और कोडरमा में सबसे महंगा मिलता है. यहां के ग्राहकों को एक सिलेंडर के लिए 862 रुपए देने होते हैं.
झारखंड में सबसे सस्ता एलपीजी सिलेंडर कहां मिलता है?
रांची में 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत कितनी है?
झारखंड की राजधानी रांची में 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 860.50 रुपए है. झारखंड के ज्यादातर शहरों में घरेलू रसोई गैस इसी कीमत पर मिलती है.
सुरक्षित होने की वजह से हर घर में होता है एलपीजी का इस्तेमाल
सुरक्षित और रंगहीन गैस होने की वजह से एलपीजी का इस्तेमाल घर-घर में होता है. उद्योगों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत सरकार ने झारखंड के लाखों गरीब परिवारों को मुफ्त में उज्ज्वला योजना के घरेलू गैस का कनेक्शन दिया है. 14.2 किलो के गैस पर केंद्र सरकार सब्सिडी भी देती है. सिलेंडर की बुकिंग कराने वाले उपभोक्ता के बैंक अकाउंट में सीधे 37.25 रुपए की सब्सिडी ट्रांसफर कर दी जाती है.
कैसे तय होती है एलपीजी सिलेंडर की कीमत?
एलपीजी सिलेंडर की कीमत सरकारी तेल कंपनियां करतीं हैं. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के महंगा या सस्ता होने का असर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर भी पड़ता है. कच्चा तेल महंगा हो जाए, तो रसोई में इस्तेमाल होने वाली गैस की कीमत भी बढ़ सकती है. कच्चा तेल अगर सस्ता हो जाए, तो गैस की कीमत भी कम होने की संभावना रहती है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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