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Lata Mangeshkar Birthday : जब इस वजह से लता मंगेशकर सिर्फ पानी पीकर ही गुजार लेती थीं पूरा दिन, जानिए ये किस्सा

Updated at : 28 Sep 2020 7:27 AM (IST)
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Lata Mangeshkar Birthday : जब इस वजह से लता मंगेशकर सिर्फ पानी पीकर ही गुजार लेती थीं पूरा दिन, जानिए ये किस्सा

Lata Mangeshkar Birthday : स्‍वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) आज अपना 91वां जन्मदिन मना रही है. उनके दुनिया में करोड़ों प्रशंसक हैं. संगीत की मल्लिका कहलाने वाली लता मंगेशकर को कई उपाधियों से नवाजा जा चुका है. मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मीं लता मंगेशकर को गायिकी अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर से विरासत में मिली थी. आठ दशक से भी अधिक समय से हिन्दुस्तान की आवाज बनीं लता ने 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गीत गाए हैं. 91वें जन्मदिन पर लताजी से जुड़ा ये खास किस्सा जानिए...

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Lata Mangeshkar Birthday : स्‍वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) आज अपना 91वां जन्मदिन मना रही है. उनके दुनिया में करोड़ों प्रशंसक हैं. संगीत की मल्लिका कहलाने वाली लता मंगेशकर को कई उपाधियों से नवाजा जा चुका है. मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मीं लता मंगेशकर को गायिकी अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर से विरासत में मिली थी. आठ दशक से भी अधिक समय से हिन्दुस्तान की आवाज बनीं लता ने 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गीत गाए हैं. 91वें जन्मदिन पर लताजी से जुड़ा ये खास किस्सा जानिए…

लता मंगेशकर के पास आज सबकुछ है, लेकिन एक समय था जब वो संघर्ष कर रही थी. यतींद्र मिश्र की किताब ‘लता सुर गाथा’ में एक लता जी से जुड़ा ये किस्सा है. लता मंगेशकर ने बताया था, “मैं अक्सर रिकॉर्डिंग करते-करते थक जाती थी और मुझे बड़ी तेज भूख भी लग जाती थी. उस समय रिकॉर्डिंग स्टूडियो में कैंटीन होती थी, मगर खाने के लिए कुछ बेहतर मिलता हो ऐसा मुझे याद नहीं. सिर्फ चाय और बिस्किट वगैरह मिल जाते थे और एक दो कप चाय या ऐसे ही दो-चार बिस्किटों पर पूरा दिन निकल जाता था.’

‘कई बार तो सिर्फ पानी पीते हुए ही दिन बीता और यह ध्यान ही नहीं रहा कि कैंटीन जाकर मुझे चाय भी पी लेनी चाहिए. हमेशा यह बात दिमाग में घूमती थी कि किसी तरह बस मुझे अपने परिवार को देखना है. फिर वह रिकॉर्डिंग का वक्त हो या घर का खाली समय. किस तरह मैं अपने परिवार के लिए ज्यादा से ज्यादा कमाकर उनकी जरूरतें पूरी कर सकती हूं. इसी में सारा वक्त निकल जाता था. मुझे रिकॉर्डिंग से या उसकी तकलीफों से इतना फर्क नहीं पडता था. जितना इस बात से कि आने वाले कल में मेरे कितने गीत रिकॉर्ड होने हैं, फलां फिल्म के खत्म होने के साथ मुझे नए कॉन्ट्रेक्ट की दूसरी नहीं फिल्म के गाने कब रिकॉर्ड करने हैं.’

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गौरतलब है कि लता मंगेशकर के छोटे भाई हृदयनाथ केवल चार साल के थे जब पिता की मौत हो गई थी. पिता की मौत के बाद लता ने ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली और अपनी बहन मीना के साथ मुंबई आकर मास्टर विनायक के लिए काम करने लगीं. 13 साल की उम्र में उन्होंने 1942 में ‘पहिली मंगलागौर’ फिल्म में एक्टिंग की. कुछ फिल्मों में उन्होंने हीरो-हीरोइन की बहन के रोल किए हैं, लेकिन एक्टिंग में उन्हें कभी मजा नहीं आया. पहली बार रिकॉर्डिंग की ‘लव इज ब्लाइंड’ के लिए, लेकिन यह फिल्म अटक गई.

जिसके बाद मास्टर गुलाम हैदर ने ही लता को फिल्म ‘मजबूर’ के गीत ‘अंग्रेजी छोरा चला गया’ में गायक मुकेश के साथ गाने का मौका दिया. यह लता का पहला बड़ा ब्रेक था, इसके बाद उन्हें काम की कभी कमी नहीं हुई.

Posted By: Divya Keshri

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