Hathras Assembly Chunav: रंग और हींग के निर्माण के लिए हाथरस प्रसिद्ध, यहां की राजनीति भी रहती है चर्चित

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 25 Jan 2022 2:20 PM

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परिसीमन के बाद हाथरस को सुरक्षित सीट कर दिया गया. उत्तर प्रदेश चुनाव के प्रचार में भी तमाम विपक्षी पार्टियां हाथरस की बेटी को मुद्दा बनाकर बीजेपी को घेर रही हैं. इस सीट से 2017 में बीजेपी के हरिशंकर माहौर ने चुनाव जाती था.

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Hathras Vidhan Sabha Chunav 2022: उत्तर प्रदेश की हाथरस सीट को काफी अहम माना जाता है. वैसे भी देश की राजनीति में हाथरस का मुद्दा आज भी उठाया जा रहा है. उत्तर प्रदेश चुनाव के प्रचार में भी तमाम विपक्षी पार्टियां हाथरस की बेटी को मुद्दा बनाकर बीजेपी को घेर रही हैं. इस सीट से 2017 में बीजेपी के हरिशंकर माहौर ने चुनाव जाती था. इस सीट पर 20 फरवरी को मतदान है.

हाथरस विधानसभा का चुनावी सफर

  • परिसीमन के बाद हाथरस को सुरक्षित सीट कर दिया गया.

  • 2012 में बसपा से गेंदालाल चौधरी ने भाजपा के राजेश दिवाकर को हराया था.

  • 2017 में भाजपा के हरिशंकर माहौर ने बसपा के बृजमोहन राही को शिकस्त दी थी.

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हाथरस सीट के मौजूदा विधायक

हाथरस सीट से हरिशंकर माहौर बीजेपी के मौजूदा विधायक हैं. उनका जन्म 1956 में हाथरस शहर में हुआ था. उन्होंने एमए, एलएलबी करके वकालत भी की है. 1989 में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की. वो सासनी विधानसभा से 1991, 1993, 1996 में विधायक बने थे.

हाथरस के जातिगत समीकरण (अनुमानित)

  • ठाकुर- 49 हजार

  • वैश्य- 42 हजार

  • धोबी- 26 हजार

  • मुस्लिम- 20 हजार

  • जाटव- 29 हजार

  • ब्राह्मण- 42 हजार

  • जाट- 15 हजार

  • कोली- 9 हजार

  • वाल्मीकि- 6 हजार

  • बघेल- 15 हजार

  • कुशवाहा- 24 हजार

  • नाई- 5 हजार

  • खटीक- 2 हजार

  • कश्यप- 5 हजार

  • दर्जी- 2 हजार

  • कुम्हार- 4 हजार

  • पंजाबी- 4 हजार

  • यादव- 3 हजार

  • अन्य- 7 हजार

हाथरस विधानसभा में मतदाता

  • कुल मतदाता- 4,15,992

  • पुरुष- 2,23,217

  • महिला- 1,92,090

  • अन्य- 5

हाथरस सीट की पहचान

  • रंग और हींग निर्माण के लिए जानी जाती है.

हाथरस की जनता के मुद्दे

  • मेडिकल कॉलेज या बड़ा अस्पताल नहीं है.

  • बड़ी इंडस्ट्री नहीं होने से युवाओं का पलायन.

  • छुट्टा पशुओं से परेशानी जारी है.

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