Asian Games Medal Tally: भारत ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास, 71 पदक जीत तोड़ा 2018 का रिकॉर्ड

Hangzhou: Gold medal winner India’s Ojas Pravin Deotale and Jyothi Surekha Vennam on the podium during the medal ceremony of mixed team compound archery event at the 19th Asian Games, in Hangzhou, China, Wednesday, Oct. 4, 2023. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI10_04_2023_000039B)
भारतीय तीरंदाजों ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस देवताले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में दक्षिण कोरिया की जोड़ी के खिलाफ सिर्फ एक अंक गंवाया और एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में दूसरा स्वर्ण पदक जीता.
हांगझोउ में खेले जा रहे एशियाई खेलों 2023 में भारत ने इतिहास रच दिया है. भारत ने 71 मेडल जीतकर 2018 का रिकॉर्ड तोड़ दिया. 16 गोल्ड, 26 सिल्वर और 29 कांस्य की मदद से भारत के खाते में अबतक कुल 71 पदक आ चुके हैं. भारत ने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में कुल 70 पदक जीते थे. भारत ने आज दो पदक अपने नाम किए. 35 किमी पैदल चाल की मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया, तो भारतीय तीरंदाजों देवताले-ज्योति ने कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया.
पदक तालिका में 71 पदकों के साथ नंबर चार पर
एशियाई खेलों के पदक तालिका में भारत 16 गोल्ड, 26 सिल्वर और 29 कांस्य के साथ कुल 71 जीतकर नंबर चार पर बना हुआ है. जबकि नंबर वन चीन ने अबतक 164 गोल्ड, 90 सिल्वर और 46 कांस्य की मदद से कुल 300 मेडल जीत लिए हैं. रिपब्लिक कोरिया 32 गोल्ड, 43 सिल्वर और 65 कांस्य की मदद से कुल 140 मेडल जीतकर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. तीसरे स्थान पर जापान है, जिसने 33 गोल्ड, 45 सिल्वर और 50 कांस्य की मदद से कुल 131 मेडल जीत लिए हैं. पांचवें स्थान पर उज्बेकिस्तान है, जिसने 14 गोल्ड, 15 सिल्वर और 21 कांस्य की मदद से कुल 50 मेडल अपने नाम किया है.
एशियाई खेलों में भारत का अबतक का प्रदर्शन
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2002 में 11 गोल्ड, 12 सिल्वर, 13 कांस्य- कुल 36 मेडल
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2006 में 10 गोल्ड, 17 सिल्वर और 26 कांस्य, कुल 53 मेडल
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2010 में 14 गोल्ड, 17 सिल्वर और 34 कांस्य, कुल 64 मेडल
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2014 इंचियोन, दक्षिण कोरिया में 11 गोल्ड, 9 सिल्वर और 37 कांस्य, कुल- 57 मेडल
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2018 Jakarta में 16 गोल्ड, 23 सिल्वर और 31 कांस्य, कुल – 70 मेडल
Hangzhou Asian Games: India achieve its best-ever medal tally by winning 71 medals at the Asian Games, surpassing the previous best of 70 medals.
(Pic Source: SAI) pic.twitter.com/VclK7Fnc9T
— ANI (@ANI) October 4, 2023
देवताले-ज्योति ने कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता
भारतीय तीरंदाजों ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस देवताले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में दक्षिण कोरिया की जोड़ी के खिलाफ सिर्फ एक अंक गंवाया और एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में दूसरा स्वर्ण पदक जीता. इसके साथ ही मौजूदा खेलों में भारत के चार पदक हो गए हैं जो इंचियोन 2014 में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक सहित कुल तीन पदक के देश के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से बेहतर है. शीर्ष दो वरीयता प्राप्त जोड़ियों के बीच हुए फाइनल में शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी ने बेहद रोमांचक और करीबी मुकाबले में जो चेइवोन और जू जेइहून की जोड़ी को 159-158 से हराया.
मंजू और राम बाबू को 35 किमी पैदल चाल की मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक
भारत के पैदल चाल खिलाड़ियों मंजू रानी और राम बाबू ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों की 35 किमी मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता. महिला और पुरुष स्पर्धाओं में राष्ट्रीय र���कॉर्ड धारक मंजू और राम बाबू ने कुल पांच घंटे 51 मिनट 14 सेकेंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. चीन (पांच घंटे 16 मिनट 41 सेकेंड) को स्वर्ण जबकि जापान (पांच घंटे, 22 मिनट 11 सेकेंड) को रजत पदक मिला. पेरिस ओलंपिक 2024 में पदार्पण करने वाली 35 किमी पैदल चाल मिश्रित टीम स्पर्धा को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है. भारत में भी इस स्पर्धा को कुछ वर्ष पहले ही शुरू किया गया.
राम बाबू चौथे स्थान पर रहे
राम बाबू पुरुष पैदल चाल में दो घंटे 42 मिनट 11 सेकेंड के साथ चौथे स्थान पर रहे जबकि रानी ने महिला वर्ग में तीन घंटे नौ मिनट तीन सेकेंड के साथ छठा स्थान हासिल किया. राम बाबू ने मार्च में पुरुष 35 किमी पैदल चाल में दो घंटे 29 मिनट 56 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था. उन्होंने पिछले साल राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक के अलावा फरवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब भी जीता. उन्होंने अगस्त में बुडापेस्ट में विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और 27वें स्थान पर रहे. चौबीस साल की रानी ने इस साल फरवरी में राष्ट्रीय पैदल चाल चैंपियनशिप में खिताब के दौरान दो घंटे 57 मिनट 54 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था. उन्होंने जून में राष्ट्रीय अंतर राज्यीय चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
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बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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