कोरोना से जंग : मदद के लिए सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के बढ़े हाथ, वेतन के साथ फंड का भी दे रहे हैं दान

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 28 Mar 2020 12:21 AM

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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के कारण उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए कई सरकारी व गैर सरकारी संगठनों के लोग, जन प्रतिनिधि और आम नागरिक अपने स्तर से मदद की पेशकश कर रहे हैं.

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रांची : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के कारण उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए कई सरकारी व गैर सरकारी संगठनों के लोग, जन प्रतिनिधि और आम नागरिक अपने स्तर से मदद की पेशकश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री राहत कोष में भी लोग सहायता राशि का दान कर रहे हैं. वहीं शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों के बीच खाद्य व जरूरी सामान पहुंचाने के लिए भी कई संगठनों के स्वयंसेवक सक्रिय हैं.

जेएससीए ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये दिये : रांची. झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) द्वारा कोरोना वायरस से निपटने सहयोग प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 लाख रुपये दिया गया. शुक्रवार को सीएम आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेक सौंपा गया. इस मौके पर बीसीसीआई पूर्व सचिव अमिताभ चौधरी, जेएससीए के उपाध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, जेएससीए सचिव संजय कुमार, पूर्व सचिव देवाशीष चक्रवर्ती व कमल कुमार उपस्थित थे

सीएम ने बचाव के लिए विधायक निधि से 25 लाख रुपये दिये : रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना से बचाव के लिए अपने विधायक निधि से 25 लाख रुपये दिये हैं. उन्होंने शुक्रवार को उपायुक्त साहेबगंज को अपने विधायक निधि से 25 लाख रुपये कोरोना वायरस से बचाव के लिए किये जा रहे खर्च हेतु विमुक्त करने की अनुशंसा पत्र के माध्यम से की है. गौरतलब है कि श्री सोरेन बरहेट विधानसभा से विधायक हैं.

कोल इंडिया के कर्मी पीएम कोष में देंगे एक दिन का वेतन : रांची. कोल इंडिया कर्मी प्रधानमंत्री राहत कोष में एक दिन का वेतन देंगे. कोल इंडिया के कंपनियों के सीएमडी मीट में यह निर्णय लिया गया. कोल इंडिया ने इससे संबंधित जानकारी सभी कंपनियों को दे दी है. निदेशक कार्मिक ने सभी यूनियनों से आग्रह किया है कि कर्मियों को इसके लिए प्रोत्साहित करें.

रेलकर्मी देंगे एक दिन का वेतन : रांची. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के जीएम को पत्र लिखा है. पत्र में प्रधानमंत्री राहत कोष में एक दिन का वेतन देने की बात कही गयी है. पत्र में डिवीजन को निर्देश दिया गया है कि वह इसकी सूचना कर्मियों को दूरभाष, एसएमएस व अन्य माध्यम से दें.

विविकर्मियों ने दिया वेतन : रांची. झारखंड राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपने वेतन से एक दिन का वेतन कटवा कर मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है.

पारा शिक्षक मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे एक करोड़ : रांची. राज्य के पारा शिक्षकों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोड़ देने की घोषणा की है. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने इसकी घोषणा की है. मोर्चा द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य में वर्तमान में 65 हजार पारा शिक्षक हैं. झारखंड शिक्षा परियोजना से आग्रह किया गया है कि सभी पारा शिक्षकों के मार्च माह के मानदेय से राशि की कटौती कर ली जाये. सभी पारा शिक्षक के मानदेय से 155 -155 रुपये की कटौती करने को कहा गया है. इसके अलावा भी अगर पारा शिक्षक चाहे, तो व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री राहत कोष में राशि जमा कर सकते हैं.

मोर्चा के बिनोद बिहारी महतो, संजय दूबे, हृषिकेश पाठक ने कहा है कहा है कि राशि कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे कार्य में सहयोग के रूप में दिया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य के 65 हजार पारा शिक्षक राज्य सरकार के साथ खड़े हैं. इसके अलावा राज्य के लगभग पांच हजार पारा शिक्षक, जिन्हें लगभग 11 माह से मानदेय नहीं मिल रहा है, उन्हें राज्य के पारा शिक्षक अपने मानदेय से राशि जमा कर पांच हजार की सहयोग राशि देंगे.

इसमें वैसे पारा शिक्षक शामिल हैं, जो 31 मार्च 2019 तक अलग-अलग कारणों से प्रशिक्षण पूरा नहीं कर सके. इसके अलावा पलामू के छतरपुर व नौडीहा प्रखंड के पारा शिक्षकों को भी पांच हजार रुपये दिये जायेंगे. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा द्वारा इस संबंध में सभी जिला अध्यक्ष व सचिव को दिशा-निर्देश दिया गया है. सभी प्रखंड के ऐसे शिक्षकों का लिस्ट तैयार करने को कहा गया है.

झारखंड शिक्षा परियोजना से किया आग्रह, पारा शिक्षक के मानदेय से काट ले राशि

जिन पारा शिक्षकों के मानदेय पर रोक, उन्हें भी पांच हजार का देंगे सहयोग राशि

प्राथमिक से लेकर प्लस टू शिक्षक देंगे एक दिन का वेतन : रांची. राज्य के प्राथमिक शिक्षक से लेकर प्लस टू शिक्षकों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक दिन का वेतन देने की घोषणा की है. अझा प्राथमिक शिक्षक संघ, झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ ने एक शिक्षकों के एक दिन के वेतन देने की घोषणा की है. यह जानकारी अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव राममूर्ति ठाकुर व प्रदेश प्रवक्ता नसीम अहमद ने दी. कहा है कि कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे कार्य में सहयोग राशि के रूप में एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया गया है.

प्लस टू शिक्षक संघ : झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ ने भी एक दिन का वेतन देने की घोषणा की है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र ठाकुर ने कहा है कि प्लस टू शिक्षक अपने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे.

बीआरपी-सीआरपी भी देंगे वेतन : राज्य के बीआरपी-सीआरपी ने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने की घाेषणा की है. महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष पंकज शुक्ला व कमलाकांत मेहता ने कहा है कि राज्य के तीन हजार बीआरपी-सीआरपी अपने एक दिन का मानदेय मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे.

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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