Hartalika Teej 2020 Puja Vidhi, Muhurat, Time: कुछ ही देर में शुरू हो जाएगा सुहागिनों का निर्जला व्रत खोलने का समय, यहां जानें पारण करने के लिए 1 घंटा 38 मिनट है उत्तम समय …
Hartalika Teej 2020 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List, Mantra, Puja Time, Vrat Katha in Hindi : हरतालिका (हरितालिका) तीज व्रत आज है. यह व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. शुक्रवार की सुबह 4 बजकर 14 मिनट से तृतीया तिथि शुरू हो गई है, तृतीया तिथि शुक्रवार की रात 01 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. इस दिन पार्वती जी ने निर्जला व्रत रखकर शिव जी को प्राप्त किया था. इसलिए इस दिन शिव पार्वती की पूजा का विशेष विधान है, जो कुंवारी कन्याएं अच्छा पति चाहती हैं या जल्दी शादी की कामना करती हैं उन्हें भी व्रत रखना चाहिए. व्रत रखने पर कुंवारी कन्याओं को मनचाहा पति प्राप्त होता है. महिलाएं आज सुबह से रात 1 बजकर 59 मिनट तक यानी पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर और अगले दिन शनिवार की सुबह स्नान करने के बाद पारण करेंगी. आइए जानते है इस व्रत से जुड़ी पूरी जानकारी और पूजा विधि…
जानें हरितालिका तीज व्रत का पारण करने का शुभ समय
इस व्रत का पारण द्वितीय दिन चतुर्थी तिथि में किया जाता है. इस वर्ष सुबह चतुर्थी तिथि विद्यमान है. सूर्योदय के पश्चात काल बेला होने से 7 बजकर 12 मिनट के बाद से 8 बजकर 50 मिनट से पहले पारण का उत्तम समय है.
जलेबी का सेवन कर व्रत खोलने की है परंपरा
हरितालिका तीज व्रत का पारण करने की शहर में एक खास परंपरा है. यानी व्रत के अगले दिन ताजी जलेबी और दही सेवन कर महिलाएं पारण करती हैं. शनिवार को बाजार बंद होने से जलेबी मिलना मुश्किल होगा. जलेबी के बजाय मेवा और चासनी से तैयार विशेष मिष्ठान का सेवन कर पारण की जा सकती है. महिलाएं घर पर ही पकवान तैयार करके पारण करेंगी.
पूजा के बाद कथा सूनना न भूलें
विधि-विधान से पूजा के बाद के बाद कथा सुनना ना भूलें और रात्रि जागरण जरूर करें. आरती के बाद सुबह माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं व ककड़ी-हलवे का भोग लगाकर व्रत खोलें.
भगवान शिव जी की आरती
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥
त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥
मनचाहे जीवनसाथी के लिए अपनाएं ये उपाय
– आज शाम को शिव-पार्वती के मंदिर में जाकर पूजा करें और शुद्ध घी के 11 दीपक जलाएं. इस उपाय से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा जीवनसाथी मिल सकता है.
– कुंवा��ी ब्राह्मण कन्या को उसके पसंद के कपड़े दिलवाएं और साथ में कुछ उपहार भी दें.
– माता पार्वती को हल्दी की 11 गांठ चढ़ाने से लड़की के विवाह के योग बन सकते हैं.
– भगवान शिव-पार्वती का अभिषेक दूध में केसर मिलाकर करें, इससे भी पति-पत्नी में प्रेम बना रहता है.
– इस दिन पति-पत्नी सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद किसी शिव-पार्वती मंदिर में जाएं और लाल फूल अर्पित करें.
– हरितालिका तीज पर पूजा करने के बाद देवी पार्वती को खीर का भोग लगाएं.
तीज व्रत के दौरान ऐसे करें पूजा
– हरितालिका तीज पर बालू रेत से भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाएं.
– इन प्रतिमाओं को एक चौकी पर स्थापित कर दें.
-इसके बाद उस चौकी पर चावलों से अष्टदल कमल बनाएं, इसी पर कलश की स्थापना करें.
-कलश में जल, अक्षत, सुपारी और सिक्के डालें. साथ ही आम के पत्ते रखकर उस पर नारियल भी रखें. यह सब कलश स्थापित करने से पहले करें.
– फिर चौकी पर पान के पत्ते रखें. इस पर अक्षत भी रखें. फिर भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती को स्नान कराएं.
– अब उनके आगे घी का दीपक और धूप जलाएं. फिर गणेश जी और माता पार्वती को कुमकुम का तिलक और शिव शंकर को चंदन का तिलक लगाएं.
– तिलक करने के बाद फूल व माला चढ़ाएं. शिव जी सफेद फूल अर्पित करें.
– भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं. शिव जी को बेलपत्र, धतूरा, भांग और शमी के पत्ते अर्पित करें.
– गणेश जी और माता पार्वती को पीले चावल अर्पित करें. शिव जी को सफेद चावल अर्पित करें.
– सभी भगवानों को कलावा चढ़ाएं. फिर गणेश जी और भगवान शिव को जनेऊ अर्पित करें.
– माता पार्वती को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें.
– सभी को फल अर्पित करें.
व्रत के दौरान क्या करना चाहिए
निराहार रहकर व्रत करें.
रात्रि जागरण कर भजन करें.
बालू के शिवलिंग की पूजा करें.
सखियों सहित शंकर-पार्वती की पूजा आज रात में करें.
पत्ते उलटे चढ़ाना चाहिए तथा फूल व फल सीधे चढ़ाना चाहिए.
हरतालिका तीज की कथा श्रवण करें.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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