Coronavirus Lockdown in Jharkhand : झुमरीतिलैया बाजार में छापेमारी, आलू दबाकर रखने वाला व्यापारी गिरफ्तार
Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 26 Mar 2020 12:07 PM
Coronavirus Lockdown in Jharkhand : झारखंड (Jharkhand) में लॉकडाउन(Lockdown ) का गुरुवार को दूसरा दिन है. पहले दिन कुछ समझदार लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(pm narendra modi) की बात मानी तो कई ऐसे लोग भी सडक पर नजर आये जो बिना काम के घूम रहे थे. ऐसे लोगों पर प्रशासन ने सख्ती दिखायी. लोग रोजमर्रा की चीजों को लेकर परेशान नजर आ रहे थे लेकिन लॉकडाउन के पहले दिन लोगों को समझ में आ गया कि जरूरी चीजों के लिए उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा. राशन दुकान,सब्जी दुकान, पेट्रोल पंप ,दवा दुकान जैसी जरूरत की चीजों की दुकानें खुली हुईं हैं. कोरोना वायरस से जुड़ी झारखंड की हर खबर से अपडेट रहने के लिए बने रहें हमारे साथ...
व्यापारी गिरफ्तार
कालाबाजारी की सूचना पर कोडरमा के झुमरीतिलैया बाजार में प्रशासन ने छापामारी की. यहां भारी मात्रा में आलू स्टॉक कर रखने वाले व्यापारी को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है.

गुमला का हाल
गुमला सदर अस्पताल में गुरुवार से ओपीडी सेवा बंद कर दी गयी है. यहां अब सिर्फ इमरजेंसी सेवा चल रही है. लॉक डाउन के बाद अस्पताल में मरीजों के आने की संख्या घटी है. इधर गुमला शहर के थाना रोड में सन्नाटा पसरा हुआ है और दुकानें बंद हैं. गुमला शहर के जशपुर रोड में दुकानें लगी हुईं हैं. सुबह से दिन के 11 बजे तक सब्जी दुकान में लोगों की भीड़ उमड़ी. गुमला जिला के डुमरी ब्लॉक में बेवजह घूमने वालों को उठक बैठक बीडीओ यूनिका शर्मा ने कराया.

साहिबगंज का हाल
साहिबगंज : सोशल डिस्टेंसिंग का सब्जी मण्डी में दिख रहा है असर. लोग आपस में और सब्जी दुकानदारों से दूरी बनाकर रख रहे हैं. पुलिस सुबह से सब्जी मण्डी में गस्त कर रही है. माइक से लोगों को दूरी बनाने की सलाह पुलिस दे रही है.

हजारीबाग का हाल
जहां हजारीबाग जिले के बरही चौक पर किराना दुकान में सोशल डिस्टेंसिंग का असर दिख रहा है. वहीं हजारीबाग विष्णुगढ़ मार्ग झुमरा सप्ताहिक बाजार में लोग सब्जी खरीदने के लिए भीड़ लगाने लगे हैं.

कुचाई : दूसरे राज्यों से अपने गांव लौटे 22 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच
खरसावां : कोरोना को के संभावित संक्रमण को रोकने के लिये कुचाई का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से एलर्ट दिख रही है. ग्रामीणों की सूचना पर कुचाई सीएचसी की टीम ने दो दिन पहले दूसरे प्रदेश से लौटे लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने पहुंचे. खरसावां सीएचसी के प्रभारी डॉ शिव चरण हांसदा को सूचना मिली दो दिन पहले ही दूसरे प्रदेशों में मजदूरी का कार्य करने गये 22 लोग अपने गांव कुचाई के बारूहातु, जोजोहातु, पोडाडीह, अरुंवा वापस लौटे है. इस सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की दो अलग अलग टीम टीम डॉ शिव चरण हांसदा व डॉ सुशील महतो के नेतृत्व में इन गांवों में जा कर युवकों के स्थास्थ्य के संबंध में जानकारी ली. टीम गांव में जा कर स्वास्थ्य जांच किया. इसमें सबसे बड़ी राहत की बात यह सामने आयी कि किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं दिखे. सभी लोगों को अपने ही घर में आइसोलेट कर रहने को कहा गया. डॉ शिवचरण हांसदा ने कुचाई, अरुवां, बारूहातु, जोजोहातु, पोडाडीह, बायांग आदि गांवों में जा कर लोगों को इस संक्रमण बीमारी के संबंध में जागरूक किया.
सरायकेला-खरसावां में दिखा कर्फ्यू सा नराजा
सरायकेला : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से घोषित लॉकडाउन के चौथे दिन गुरुवार को सरायकेला-खरसावां में जबरदस्त असर देखने को मिला. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है. पुलिस की सख्ती के कारण लॉकडाउन के तीसरे दिन में कर्फ्यू सा नराजा देखने को मिला.
कोरोना से जंग : मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु व हैदराबाद जैसे शहरों में फंसे हजारों झारखंडी
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए पूरा देश लॉकडाउन कर दिया गया है. झारखंड में सख्ती से इसका पालन हो रहा है. राज्य की सड़कें और शहरें वीरान हैं, लेकिन इस वायरस के खौफ से डरे-सहमे लोग अपने घरों तक पहुंचने के लिए छटपटा रहे हैं. झारखंड के भी करीब 50 हजार कामगार मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, मंगलौर, हैदराबाद जैसे शहरों में फंसे हुए हैं. जो अपने घर पहुंच चुके हैं, वे भी परेशानी झेल रहे हैं.
सोशल डिस्टेंस सर्किल
झारखंड के चतरा के मेडिकल,किराना व सब्जी दुकानों के बाहर सदर थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने सोशल डिस्टेंस बनाये रखने के लिए दुकानो के बाहर सर्किल बनवाया है. यह एक समझदारी भरा कदम है जो कोरोना के खिलाफ जंग में सहायक है.

लॉकडाउन में सख्ती
लॉकडाउन के बावजूद राजधानी रांची की सड़कों पर वाहन में सवारी ले जाने की सूचना पर बुधवार की सुबह ट्रैफिक एसपी सह प्रभारी सिटी एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग सड़क पर जांच करने निकले. इस दौरान उन्होंने एजी मोड़ के समीप सवार ले जाने के आरोप में एक वाहन को पकड़ा. वहीं दूसरी ओर दूसरा वाहन उन्होंने सुजाता चौक के समीप पकड़ा. पकड़े जाने के बाद जांच कर मामले में आगे की कार्रवाई लिए उन्होंने वाहन चालक और वाहन दोनों को थाना को सौंप दिया. इधर एसपी की जांच और छापेमारी की सूचना मिलने के बाद विभिन्न स्थानों पर तैनात पुलिस ने भी आम लोगों को समझाने के लिए सख्ती दिखानी शुरू कर दी. डोरंडा के परसटोली में कुछ युवक सड़क के किनारे अड्डाबाजी कर रहे थे. वहीं एक युवक स्कूटी से एक बच्चे को लेकर कहीं जा रहा था. एेसे लोगों पर पुलिस ने डंडे बरसाये. अल्बर्ट एक्का चौक के समीप पुलिस ने बिना किसी काम के वाहन लेकर युवकों को कान पकड़ कर उठक-बैठक भी करवाया.
मास्क कालाबाजारी में आदित्य मेडिसिटी पर प्राथमिकी दर्ज
रांची: रिम्स चौक पर दुर्गा मंदिर के समीप स्थित आदित्य मेडिसिटी नामक दवा दुकान द्वारा 30 रुपये का मास्क 100 रुपये में बेचने की सूचना जिला प्रशासन को मिली. ग्राहक बन कर पहुंचे मजिस्ट्रेट राकेश रंजन उरांव ने जांच की, तो मामला सही पाया. इसके बाद मास्क की कालाबाजारी करते हुए संचालक के भाई सुबोध कांत साव काे पकड़ा और बरियातू थाना पुलिस के हवाले कर दिया.
कंट्रोल रूम में 1189 ने किया कॉल कालाबाजारी की शिकायत भी की
रांची: कोरोना को लेकर सूचना भवन में बनाये गये राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष में दो दिनों 1189 लोगों ने कॉल किया. टॉल फ्री नंबर 181 पर अलग-अलग जिलों से लगातार कॉल आ रहे हैं. इनमें ज्यादातर कॉल लॉकडाउन के दौरान राशन की कालाबाजारी, गैस के लिए लंबी लाइन की है. कई लोगों ने कॉल करके यह भी बताया कि उनके पड़ोस में कुछ लोग बेंगलुरू, दिल्ली या अन्यत्र जगहों से आये हैं. वे अपनी जांच नहीं करा रहे हैं और खुलेआम घूम रहे हैं. अपने आपको आइसोलेट भी नहीं कर रहे हैं.
ऑर्डर मिलने के बाद आवश्यक सामग्री की होम डिलिवरी शुरू
रांची : कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण के मद्देनजर जारी लॉकडाउन के दौरान लोगों को खाद्य सामग्री के लिए परेशानी न हो, इसके लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची के निर्देश पर होम डिलिवरी सेवा शुरू की गयी है. जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गयी सेवा के दौरान 24 घंटे के अंदर आवश्यक सामग्री की होम डिलिवरी की जा रही है. लोग घर से ही आवश्यक वस्तुओं की सूची बना कर मोबाइल नंबर पर व्हाटसएप या मैसेज कर ऑर्डर कर सकते हैं. इसके लिए लोगों को कॉल करने की जरूरत नहीं है.
स्वास्थ्यकर्मियों को किया परेशान, तो जायेंगे जेल
रांची : कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण पूरा देश लॉकडाउन है. लोग घरों में कैद हैं. राज्य सरकार व जिला प्रशासन द्वारा इन हालातों का देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों से यह अपील की जा रही है कि वे संकट के इस घड़ी में आम लोगों की सेवा में कोई कसर न छोड़ें. लेकिन जिला प्रशासन के पास ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि स्वास्थ्यकर्मियों को अपने हाउसिंग सोसाइटीज/पड़ोसियों से विरोध का सामना करना पड़ रहा है और कुछ मकान मालिक इन स्वास्थ्यकर्मियों को घर से जबरदस्ती निकाल भी रहे हैं. ऐसे शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त राय महिमापत रे ने आदेश जारी किया है कि किसी भी स्वास्थ्यकर्मी को किसी भी प्रकार से अगर रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, हाउसिंग सोसाइटी व स्वतंत्र घर-मालिकों द्वारा परेशान किया गया या उन्हें घर से बेदखल किया गया तो ऐसे लोगों पर आइपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जायेगा.
रांची में पुलिस ने 14.90 लाख रुपये का काटा चालान
राजधानी के विभिन्न इलाके में बुधवार को पूर्ण लॉकडाउन के बाद भी लोग नहीं मान रहे थे. कई इलाकों में पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी. कई लोग पूछने पर कभी सब्जी खरीदने तो कभी राशन खरीदने की बात कर रहे है. बहाना बनाने वालें लोगों को पुलिस वापस लौटा दे रही है. बुधवार को कुल 14.90 लाख चालान काटा गया. इस प्रकार रविवार से अब तक चार दिनों में कुल 45.18 लाख का चालान काटा गया.मेन रोड, बरियातू रोड, करमटोली चौक, रिम्स से कोकर की ओर जाने वाला टुंकी टोली रोड सहित कई ऐसे इलाके हैं, जहां गैर जरूरी कार्य के लिए लोग दो पहिया वाहनों पर घूमते दिखे. मेडिकल चौक पर एक दोपहिया वाहन चालक से जब वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने कारण जानना चाह तो वह उनसे बहस करने लगा. ट्रैफिक पुलिस ने जब उसके वाहन की कागजात की जांच की तो उसके पास डीएल व इंश्योरेंस के कागजात नहीं मिले. उसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने उसका चालान काटा.
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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