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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव : पहले चरण की 20 में से 5 सीटें रेड अलर्ट क्षेत्र, जानें क्या हैं इसके मायने?

Updated at : 05 Nov 2023 1:44 PM (IST)
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव : पहले चरण की 20 में से 5 सीटें रेड अलर्ट क्षेत्र, जानें क्या हैं इसके मायने?

एडीआर की रिपोर्ट में बताया गया है कि कांकेर (एसटी) सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस और गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) ने दागी उम्मीदवार उतारे हैं. चित्रकोट (एसटी) सीट पर बीजेपी के अलावा आम आदमी पार्टी (आप) और सर्व आदि दल ने दागी कैंडिडेट चुनाव में खड़े किए हैं.

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के पहले चरण की वोटिंग सात नवंबर को होगी. इसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. मैदान में कुल 223 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं. पहले चरण में जिन 20 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है, उसमें बस्तर संभाग की 12 सीटें शामिल हैं. इन 20 विधानसभा सीटों में 25 फीसदी यानी पांच विधानसभा क्षेत्र को रेड अलर्ट विधानसभा क्षेत्र घोषित किया गया है. ये पांच विधानसभा क्षेत्र हैं – उत्तर बस्तर कांकेर जिले की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कांकेर (एसटी) सीट, बस्तर (जगदलपुर) जिले की चित्रकोट (एसटी) सीट, खैरागढ़-चिरीमिरी-गांडेय जिले की पंडरिया और कवर्धा विधासनभा सीट. चुनाव में कबीरधाम जिले की दो विधानसभा सीटों को रेड अलर्ट विधानसभा घोषित किया गया है. बता दें कि कांकेर (एसटी) सीट पर 9 उम्मीदवारों के शपथ पत्र का विश्लेषण किया गया. इनमें से तीन ने बताया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. चित्रकोट (एसटी) में सात प्रत्याशी हैं. इनमें से तीन के विरुद्ध क्रिमिनल केस चल रहे हैं. खैरागढ़ विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे 11 में से तीन प्रत्याशियों ने कहा है कि उनके विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज हैं. कबीरधाम में 14 उम्मीदवार थे और उनमें से तीन के खिलाफ क्रिमिनल केस चल रहे हैं. कवर्धा के 16 में से तीन प्रत्याशियों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं. उम्मीदवारों ने खुद चुनाव आयोग को लिखित में यह बात बताई है कि उनके विरुद्ध आपराधिक मामले चल रहे हैं.

इन पार्टियों ने खड़े किए दागी उम्मीदवार

चुनाव सुधार पर काम कर रही गैर-सरकारी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने उन शपथ पत्रों का विश्लेषण करने के बाद एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया है कि किस पार्टी ने कितने दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कांकेर (एसटी) सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस और गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) ने दागी उम्मीदवार उतारे हैं. चित्रकोट (एसटी) सीट पर बीजेपी के अलावा आम आदमी पार्टी (आप) और सर्व आदि दल ने दागी कैंडिडेट चुनाव में खड़े किए हैं.

57 उम्मीदवारों के 15 के खिलाफ आपराधिक मामले

खैरागढ़ में बीजेपी, निर्दलीय, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने दागी उम्मीदवार खड़े किए हैं, तो पंडरिया में कांग्रेस, भारतीय सर्वजन हिताय समाज पार्टी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने और कवर्धा में बीजेपी, आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इस तरह पांच विधानसभा सीट पर नामांकन दाखिल करने वाले 57 उम्मीदवारों में 15 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. और इन्हीं 15 प्रत्याशियों की वजह से इन विधानसभा सीटों को रेड अलर्ट विधानसभा क्षेत्र घोषित किया गया है.

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इस आधार पर घोषित होता है रेड अलर्ट विधानसभा क्षेत्र

एक विधानसभा सीट पर कितने दागी उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, उसी के आधार पर किसी विधानसभा क्षेत्र को रेड अलर्ट क्षेत्र घोषित किया जाता है. चुनाव आयोग का प्रावधान है कि अगर किसी एक विधानसभा सीट पर तीन या उससे अधिक ऐसे उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, तो उन असेंबली को रेड अलर्ट विधानसभा क्षेत्र घोषित कर दिया जाए. ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं.

कांग्रेस-बीजेपी ने सभी 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार

बता दें कि पहले चरण में जिन 20 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है, वहां कांग्रेस और बीजेपी ने सभी 20-20 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के 15 उम्मीदवार हैं, आम आदमी पार्टी के 10, सर्व आदि दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के आठ-आठ, हमार राज पार्टी के सात, गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी के छह, भारतीय सर्वजन हिताय समाज पार्टी के एक और अन्य पार्टियों के 55 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं.

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16 उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले

अन्य दलों को छोड़ दें, तो सभी ने दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है. बीजेपी ने पांच, कांग्रेस ने दो, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने तीन, आप ने चार, सर्व आदि दल ने तीन, सीपीआई, हमार राज पार्टी, गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी ने एक, भारतीय सर्वजन हिताय समाज पार्टी ने एक दागी उम्मीदवार दिया है. वहीं, पांच निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं, जिन्होंने बताया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. बीजेपी के चार, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के दो, आप के एक, सर्व आदि दल के तीन, सीपीआई के एक, गोंडवाणा गणतंत्र पार्टी के एक और भारतीय सर्वजन हिताय समाज पार्टी के एक प्रत्याशी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इस तरह कुल 26 (12 फीसदी) ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 16 (7 फीसदी) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं.

गंभीर आपराधिक मामले क्या हैं?

  • ऐसे गुनाह, जिसकी अधिकतम सजा पांच साल या उससे अधिक हो.

  • अगर अपराध गैरजमानती हो.

  • अगर कोई चुनावी अपराध किया हो (आईपीसी की धारा 171ई या रिश्वतखोरी).

  • ऐसा गुनाह, जिसकी वजह से राजस्व को नुकसान पहुंचा हो.

  • छेड़खानी, हत्या, बलात्कार और अपहरण से संबंधित गुनाह.

  • ऐसा अपराध, जिसका विवरण रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट (सेक्शन 8) में दिया गया है, में शामिल हों.

  • प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट से जुड़े अपराध किए हों.

  • महिलाओं के खिलाफ अपराध किया हो.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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