Chhath puja date 2020: आज है छठ पूजा का पहला दिन, जानिए सही तिथि, नहाय-खाय, खरना, व्रत नियम और पूजा विधि...
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 Nov 2020 7:33 AM
Chhath Puja Date 2020, Chhath Puja 2020, chhath puja, Kharna, nahay khay, Chhath Puja 2020: हिन्दू धर्म का महापर्व छठ पूजा की शुरुआत आज से हो गई है. बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे प्रमुख त्योहार छठ पूजा है. इस बार छठ पूजा 20 नवंबर को पड़ रहा है. ऐसे में छठ पूजा का पर्व आज से यानि कि 18 नवंबर से शुरू हो गया. क्योंकि यह त्योहार 4 दिनों का होता है. छठ पूजा को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है.
Chhath puja date 2020: हिन्दू धर्म का महापर्व छठ पूजा की शुरुआत आज से हो गई है. बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे प्रमुख त्योहार छठ पूजा है. इस बार छठ पूजा 20 नवंबर को पड़ रहा है. ऐसे में छठ पूजा का पर्व आज से यानि कि 18 नवंबर से शुरू हो गया. क्योंकि यह त्योहार 4 दिनों का होता है. छठ पूजा को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है. छठ पूजा में सूर्य देवता की पूजा का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि छठ माता सूर्य देवता की बहन हैं. सूर्य देव की उपासना करने से छठ माई प्रसन्न होती हैं और मन की सभी मुरादें पूरी करती हैं. छठ की शुरुआत नहाय खाय से होती है और 4 दिन तक चलने वाले इस त्योहार का समापन उषा अर्घ्य के साथ होती है. आइए जानते हैं छठ पूजा से संबंधित पूरी जानकारी…
इस वर्ष यह त्योहार 18 नवंबर से 21 नवंबर तक मनाया जाएगा. 18 नवंबर को नहाय खाय, 19 नवंबर को खरना, 20 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 21 नवंबर को उषा अर्घ्य के साथ इसका समापन होगा, इन 4 दिनों तक सभी लोगों को कड़े नियमों का पालन करना होता है. इन 4 दिनों में छठ पूजा से जुड़े कई प्रकार के व्यंजन, भोग और प्रसाद बनाया जाता है.
छठ पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी से शुरू हो जाती है. इस व्रत को छठ पूजा, सूर्य षष्ठी पूजा और डाला छठ के नाम से भी जाना जाता है. इसकी शुरुआत नहाय खाय से होती है, जो कि इस बार 18 नवंबर को है. इस दिन घर में जो भी छठ का व्रत करने का संकल्प लेता है वह, स्नान करके साफ और नए वस्त्र धारण करता है. फिर व्रती शाकाहारी भोजन लेते हैं. आम तौर पर इस दिन कद्दू की सब्जी बनाई जाती है.
नहाय खाय के अगले दिन खरना होता है. इस दिन से सभी लोग उपवास करना शुरू करते हैं. इस बार खरना 19 नवंबर को है. इस दिन छठी माई के प्रसाद के लिए चावल, दूध के पकवान, ठेकुआ (घी, आटे से बना प्रसाद) बनाया जाता है. साथ ही फल, सब्जियों से पूजा की जाती है. इस दिन गुड़ की खीर भी बनाई जाती है.
हिंदू धर्म में यह पहला ऐसा त्योहार है जिसमें डूबते सूर्य की पूजा की जाती है. छठ के तीसरे दिन शाम यानी सांझ के अर्घ्य वाले दिन शाम के पूजन की तैयारियां की जाती हैं. इस बार शाम का अर्घ्य 20 नवंबर को है. इस दिन नदी, तालाब में खड़े होकर ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. फिर पूजा के बाद अगली सुबह की पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं.
चौथे दिन सुबह के अर्घ्य के साथ छठ का समापन हो जाता है. सप्तमी को सुबह सूर्योदय के समय भी सूर्यास्त वाली उपासना की प्रक्रिया को दोहराया जाता है. विधिवत पूजा कर प्रसाद बांटा जाता है और इस तरह छठ पूजा संपन्न होती है. यह तिथि इस बार 21 नवंबर को है.
News posted by : Radheshyam kushwaha
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










