ePaper

Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि के दौरान इस तरह से करें दुर्गा सप्तशती का पाठ, इन नियमों का पालन जरूरी

Updated at : 25 Mar 2023 5:56 PM (IST)
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि के दौरान इस तरह से करें दुर्गा सप्तशती का पाठ, इन नियमों का पालन जरूरी

Chaitra Navratri 2023, Durga Saptashati Path: 22 मार्च से चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) प्रारंभ होने जा रहे हैं. मान्यता है कि इन दिनों दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से व्यक्ति की मनोकामना जल्द पूरी होती है.

विज्ञापन

Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि की शुरूआत हो चुकी है. मान्यता है कि इन दिनों दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से व्यक्ति की मनोकामना जल्द पूरी होती है. लेकिन, दुर्गा सप्तशती का पाठ अगर सही समय पर किया जाए तो माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है

तीन चरित्रों में है दुर्गा सप्तशती का पाठ

दुर्गा सप्तशती में 13 अध्याय हैं, जिनको तीन चरित्रों में बांटा गया है। हर अध्याय में मां भगवती की महिमा और उनके रूपों के बारे में वर्णन किया गया है. दुर्गा सप्तशती का प्रथम चरित्र में मधु कैटभ वध कथा, मध्यम में महिषासुर का संहार और उत्तर चरित्र में शुम्भ-निशुम्भ वध और सुरथ एवं वैश्य देवी मां से मिले वरदान का विवरण है.

दुर्गा सप्तशती पाठ का महत्व पुराणों के अनुसार, भगवान शिव ने माता पार्वती को यह उपाय बताया था. उन्‍होंने माता पार्वती से कहा कि जो अर्गला, कालक और कवच का का पाठ करते हैं, उन्हें पुण्य फल की प्राप्ति होती है और संपूर्ण दुर्गा सप्तशती के पाठ का लाभ भी मिलता है. मान्यतानुसार, कुंजिका स्त्रोत के सिद्ध किए हुए मंत्र को कभी किसी का अहित करने के लिए नहीं प्रयोग करना चाहिए. ऐसा करने से उस व्यक्ति का ही अहित हो सकता है.

दुर्गा सप्तशती पढ़ते वक्त इन नियमों का पालन करें

दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के दौरान शुद्धता (Purity) का पालन करना बेहद जरूरी है. इसलिए स्नान आदि करके साफ वस्त्र पहकर ही पाठ करें. कुशा के आसन या ऊन के बने आसन पर बैठकर ही पाठ करें. साथ ही पाठ करते वक्त हाथों से पैर का स्पर्श न करें.

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती के पाठ से पहले और बाद में नर्वाण मंत्र ”ओं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाये विच्चे” का जाप करना (Mantra jaap) जरूरी होता है.

अगर संस्कृत भाषा में दुर्गा सप्तशती के पाठ का उच्चारण करने में कठिनाई हो रही हो तो इसे हिंदी में किया जा सकता है. लेकिन जो भी पढ़ें उसे सही और स्पष्ट बोलें.

कम समय में ऐसे करें दुर्गा सप्तशती का पाठ

कम समय में दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण लाभ पाने के लिए सबसे पहले कवच, कीलक और अर्गला स्त्रोत का पाठ करना होता है. फिर कुंजिका स्त्रोत का पाठ किया जाता है. पंडित लोग बताते हैं कि इस विधि से दुर्गा सप्तशती का पाठ करने पर संपूर्ण पाठ का फल प्राप्‍त होता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola