ePaper

WB : भाजपा ने लगातार प्रश्नपत्र ‘लीक’ मामले में शिक्षा मंत्री से मांगा बयान कहा, छात्रों का भविष्य अंधकार में

Updated at : 07 Feb 2024 3:15 PM (IST)
विज्ञापन
WB : भाजपा ने लगातार प्रश्नपत्र ‘लीक’ मामले में शिक्षा मंत्री से मांगा बयान कहा, छात्रों का भविष्य अंधकार में

डब्ल्यूबीबीएसई के अध्यक्ष रामानुज गांगुली ने पहले आरोप लगाया था कि ‘‘राज्य सरकार और बोर्ड को बदनाम करने की साजिश की जा रही है और परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने के लिए छात्रों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.

विज्ञापन

भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई ने छात्रों द्वारा कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा (Board Exam) के प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर साझा करने की ताजा घटनाओं के मामले में राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु से बयान जारी कर सफाई देने की मांग की है. इस माह लगातार तीन परीक्षा तारीखों पर छात्रों ने मोबाइल फोन से केंद्रों पर बंगाली, अंग्रेजी और इतिहास के प्रश्नपत्रों की तस्वीरें खींची कर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर दिया. भाजपा के वरिष्ठ नेता शंकर घोष ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों को बचाया जा रहा है और परीक्षार्थियों को सजा दी जा रही है जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है. ऐसे में इस मुद्दे से निपटने का पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीएसई) यह तरीका बिल्कुल ‘‘गलत’’ है.

बोर्ड परीक्षाओं से कुल 17 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया

परीक्षा शुरू होते ही सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र साझा करने के लिए बोर्ड ने इस वर्ष कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं से कुल 17 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया है, जिनमें से 16 मालदा जिले से हैं. सिलीगुड़ी के विधायक घोष ने मंगलवार को कहा, ‘‘ हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री एक आधिकारिक बयान जारी कर सफाई दें. मोबाइल फोन से तस्वीर लेने के आरोप में बोर्ड मनमाने ढंग से परीक्षार्थियों को अयोग्य घोषित कर रहा है.उन्हें अपने बचाव में कुछ भी कहना का मौका नहीं दिया गया. परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारी को ऐसे ही छोड़ दिया गया.

Also Read: Madhyamik Exam 2024 : माध्यमिक परीक्षा के दौरान फिर लीक हुआ अग्रेंजी का पेपर
क्यूआर कोड किस संस्था ने दिया है

घोष ने सवाल उठाये, युवा छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. बोर्ड ने दावा किया है कि प्रश्नपत्र पर छपा ‘क्यूआर’ कोड मोबाइल फोन पर क्लिक की गई तस्वीर में साफ दिख रहा है, लेकिन इस तकनीक की सत्यता क्या है ? क्यूआर कोड किस संस्था ने दिया है ? क्या बोर्ड ने ऐसी तकनीक के लिए कोई निविदा जारी की थी ? निविदा किसे मिली ? क्या निविदा बिल्कुल पारदर्शी तरीके से दी गई? डब्ल्यूबीबीएसई के अध्यक्ष रामानुज गांगुली ने पहले आरोप लगाया था कि राज्य सरकार और बोर्ड को बदनाम करने की साजिश की जा रही है और परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने के लिए छात्रों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.

Also Read: Madhyamik Exam : छोटी बहन को माध्यमिक परीक्षा दिलाने जा रहे भाई-बहन दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत

विज्ञापन
Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola