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Bengal Covid-19 Update: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका, मामूली लक्षण भी दिखे तो खुद को करें कोरेंटिन

Updated at : 01 Apr 2021 10:48 AM (IST)
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Bengal Covid-19 Update: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका, मामूली लक्षण भी दिखे तो खुद को करें कोरेंटिन

Bengal Cronovirus Update: देश के कुछ राज्यों की तरह राज्य में भी हर दिन कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इसी को देखते हुए कोलकाता पुलिस की तरफ से इससे बचने और सतर्क रहने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. एक तरफ जहां थानों व ट्रैफिक गार्ड में कार्यरत प्रत्येक पुलिसकर्मी को कोरोना से संबंधित नियमों का पालन करने को कहा गया है, दूसरी तरफ पुलिस आयुक्त की तरफ से बुधवार को इससे जुड़ा एक और निर्देश जारी किया गया है.

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कोलकाता: महानगर में डॉक्टरों को आशंका है कि पश्चिम बंगाल में जल्द ही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आ सकती है, जो बेहद गंभीर होगी, क्योंकि लोग महामारी से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं. उन्होंने चेताया कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन से वैसी ही स्थिति पैदा हो सकती है, जैसी 2020 में दुनिया भर में वायरस संक्रमण के फैलने के वक्त थी.

संक्रामक रोग और बेलियाघाटा सदर अस्पताल में पोस्ट-कोविड-19 फॉलोअप क्लिनिक के प्रभारी संजीव बंद्योपाध्याय के अनुसार निकट भविष्य में राज्य में संक्रमण का ‘बेहद तेजी से प्रसार’ हो सकता है. संक्रामक रोग और बेलियाघाटा सदर अस्पताल, कोविड-19 के लिए समर्पित अस्पताल था. कोविड-19 के लिए समर्पित, एमआर बांगुर अस्पताल के अधीक्षक शिशिर नस्कर ने राज्य में हाल के दिनों में बढ़े कोविड-19 के मामलों के लिए आम जनता की लापरवाही को जिम्मेदार बताया.

उन्होंने कहा, ‘किसी भी महामारी में प्रकृति का नियम है कि दूसरी और तीसरी लहर होगी. यह सब समाप्त होगा, लेकिन हम लापरवाह नहीं हो सकते हैं. हमारे राज्य में बीमारी से लड़ाई में आम लोगों की लापरवाही संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार है.” श्री बंद्योपाध्याय ने कहा कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का खतरा है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग राजनीतिक रैलियों और बैठकों में बिना मास्क के शामिल हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि रैलियों में जब नेता भाषण देते हैं और लोग नारेबाजी करते हैं, तो ऐसे में उनके मुंह से ज्यादा मात्रा में ड्रॉपलेट निकलते हैं और उनमें से ज्यादातर लोग मास्क नहीं लगाये होते हैं, ऐसे में उनके आसपास के लोगों के लिए भी खतरा बढ़ जाता है. श्री बंद्याेपाध्याय ने कहा, ‘यह खतरनाक स्थिति है. हम पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में लोगों को रैलियों और राजनीतिक बैठकों में भाग लेते हुए देख रहे हैं और उनलोगों को महामारी से जुड़े प्रोटोकॉल का कोई ख्याल नहीं है.’ बंगाल में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में हो रहा है, जो 29 अप्रैल को समाप्त होगा.

आइडी एंड बीजी अस्पताल की प्रिंसिपल अनिमा हाल्दर ने भी पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के मामलों में अचानक हुई वृद्धि के लिए लोगों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा, ‘आप सिर्फ राजनीतिक दलों को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं. पर्व-त्यौहारों में भी मास्क और सोशल डिस्टैंसिंग का ख्याल नहीं रखा जा रहा है, ऐसे में कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि होना तय है. पश्चिम बंगाल में पिछले 30-40 दिनों में कोविड-19 के मामलों में चार गुना वृद्धि हुई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग की बुलेटिन के अनुसार रविवार को राज्य में संक्रमण के 827 नये मामले आये, जो इस साल का सबसे ज्यादा है.

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Posted By- Aditi Singh

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