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कलकत्ता हाईकोर्ट में कर्म व शारीरिक शिक्षा विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति पर 30 दिसंबर तक रोक

Updated at : 30 Nov 2022 3:17 PM (IST)
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कलकत्ता हाईकोर्ट में कर्म व शारीरिक शिक्षा विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति पर 30 दिसंबर तक रोक

पश्चिम बंगाल में कलकत्ता हाईकोर्ट में कर्म शिक्षा व शारीरिक शिक्षा विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति को फिर से निलंबित कर दिया गया है. मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने बताया कि एसएससी 30 दिसंबर तक उच्च प्राथमिक के प्रथम एसएलएसटी के कर्म व शारीरिक शिक्षा विभाग में शिक्षक की नियुक्ति नहीं कर पाएगा.

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पश्चिम बंगाल में कलकत्ता हाईकोर्ट में कर्म शिक्षा व शारीरिक शिक्षा विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति को फिर से निलंबित कर दिया है. इस बार कोर्ट ने जानकारी दी है कि वे अगले एक महीने तक इस विभाग में किसी शिक्षक की नियुक्ति नहीं कर पाएंगे. एसएससी ने उच्च प्राथमिक की इन दो श्रेणियों में 1600 अतिरिक्त रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी. गौरतलब है कि एसएससी के खिलाफ यह आरोप लगाया गया था कि वे अवैध रूप से नौकरी पाने वाले शिक्षकों बचाने के लिए अतिरिक्त रिक्त पद बनाकर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही हैं. बुधवार को मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने बताया कि एसएससी 30 दिसंबर तक उच्च प्राथमिक के प्रथम एसएलएसटी के कर्म व शारीरिक शिक्षा विभाग में किसी भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं कर पाएगा. कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस बिस्वजीत बोस की बेंच ने बुधवार को यह आदेश दिया.

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नियुक्ति के लिये अभी करना होगा इंतजार 

गौरतलब है कि इससे पहले जस्टिस बसु के आदेश पर उच्च प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में 18 नवंबर को रोक लगा दी गई थी. इससे पहले स्कूल सेवा आयोग ने 10 नवंबर कर्म व शारीरिक शिक्षा विभागों में काउंसिलिंग शुरू करने की घोषणा की थी. एसएससी द्वारा कुल 1,600 नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को सिफारिश पत्र दिए जाने की घोषणा की गई थी. इनमें कर्म शिक्षा में नौकरी चाहने वालों की संख्या 750 और शारीरिक शिक्षा में नौकरी चाहने वालों की संख्या 850 है.

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जस्टिस बोस ने कहा कि गांव के स्कूलों में करें शिक्षकों की नियुक्ति 

बुधवार को इन अतिरिक्त नियुक्तियों पर जस्टिस बोस ने राज्य से कहा कि गांव और उपनगरों में ऐसे कई स्कूल हैं जहां छात्र हैं और शिक्षक नहीं हैं. हो सके तो इन शिक्षकों को गांव के स्कूलों में भेजें. ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं उनसे कहें कि या तो गांव के स्कूल में जाएं या नौकरी छोड़ दें.

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Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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