Gen AI पर तीन गुना खर्च करेंगी एशिया पैसिफिक की कंपनियां, 3.4 अरब डॉलर का होगा निवेश, पढ़ें पूरी खबर

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 28 Jan 2024 3:53 PM

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एशिया प्रशांत क्षेत्र में कंपनियां जेनरेटिव एआई (जेन एआई) में निवेश बढ़ा रही हैं. इन्फोसिस रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, जापान, भारत और सिंगापुर में इस तकनीक पर खर्च 2024 में लगभग तीन गुना होकर 3.4 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है.

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Gen AI Infosys Research : एशिया पैसिफिक क्षेत्र में कंपनियां जेनरेटिव एआई (Gen AI) में निवेश बढ़ा रही हैं. इन्फोसिस रिसर्च की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. इन्फोसिस की शोध इकाई इन्फोसिस नॉलेज इंस्टीट्यूट की नयी रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, जापान, भारत और सिंगापुर में जेन एआई तकनीक पर खर्च 2024 में लगभग तीन गुना होकर 3.4 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है. हालांकि, उत्तर अमेरिका के मुकाबले में एशिया पैसिफिक का क्षेत्र फिलहाल बहुत पीछे है.

AI पर खर्च के मामले में उत्तरी अमेरिका से पीछे है एशिया पैसेफिक

एशिया प्रशांत क्षेत्र में कंपनियां जेनरेटिव एआई (जेन एआई) में निवेश बढ़ा रही हैं. इन्फोसिस रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, जापान, भारत और सिंगापुर में इस तकनीक पर खर्च 2024 में लगभग तीन गुना होकर 3.4 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है. इसमें कहा गया कि जहां यह खर्च उत्तरी अमेरिका से पीछे है, वहीं एपैक (एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग) में स्वीकार्यता, प्रभावशीलता और वृद्धि वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है.

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जेन एआई पर खर्च में अपने उत्तर अमेरिका से पीछे

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी की शोध इकाई इन्फोसिस नॉलेज इंस्टीट्यूट (आईकेआई) ने कहा, एशिया-प्रशांत क्षेत्र की कंपनियां जेनरेटिव एआई में तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं और परिपक्वता के उच्च चरण में प्रवेश कर रही हैं. जहां एपैक में कंपनियां वर्तमान में जेन एआई पर खर्च में अपने उत्तरी अमेरिकी समकक्षों से पीछे हैं, वहीं शोध में किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में 140 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है. इसमें कहा गया, इसका मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, जापान, भारत और सिंगापुर में अनुमानित 3.4 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा.

जेन एआई में भारी निवेश

इन्फोसिस की जेनरेटिव एआई रडार एपीएसी रिपोर्ट में कारोबारी दिग्गजों और एआई का उपयोग करने वालों का साक्षात्कार का विश्लेषण और ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, जापान, भारत और सिंगापुर के 1,000 उत्तरदाताओं का सर्वेक्षण शामिल है. पूरे एपैक की कंपनियां जेन एआई में भारी निवेश कर रही हैं. चीन इस क्षेत्र में सबसे आगे है, जिसमें निवेश 160 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2.1 अरब डॉलर होने की उम्मीद है. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की वृद्धि उसके पीछे है. (भाषा इनपुट के साथ)

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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