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अब सेना से ही संभलेगा बंगाल, मानवाधिकार आयोग की जांच समिति के सदस्य ने सुनायी आपबीती

Updated at : 01 Jul 2021 3:21 PM (IST)
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अब सेना से ही संभलेगा बंगाल, मानवाधिकार आयोग की जांच समिति के सदस्य ने सुनायी आपबीती

बंगाल को अब सेना ही संभाल सकती है. यहां के जो हालात हैं, वह राज्य सरकार के कंट्रोल से बाहर जा चुका है.

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कोलकाताः बंगाल को अब सेना ही संभाल सकती है. यहां के जो हालात हैं, वह राज्य सरकार के कंट्रोल से बाहर जा चुका है. ये बातें बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जांच करने के लिए पहुंची राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम के एक सदस्य ने कही है.

चुनाव हिंसा की जांच के लिए एनएचआरसी का एक जांच दल बंगाल के दौरे पर आया था. जांच समिति के सदस्यों पर जादवपुर में हमला किया गया. इस पर समिति के सदस्यों ने नाराजगी जतायी. एक सदस्य ने तो यहां तक कह दिया कि मामला राज्य सरकार के हाथ से निकल गया है. अब सेना (मिलिटरी) ही बंगाल में स्थिति संभाल सकती है.

टीम के सदस्य आतिफ रशीद ने कहा कि वहां जब लोकल पुलिस मेरे लिए नहीं आयी, तो गरीब दलितों के लिए कैसे आयेगी? बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हुई ह‍िंसा के बाद हाइकोर्ट के आदेश पर एनएचआरसी की एक टीम तीन दिन तक बंगाल में थी. मंगलवार को टीम के एक सदस्य और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष आतिफ रशीद पर हमला हुआ.

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रशीद ने कहा कि मेरा ऑब्‍जर्वेशन है कि वहां जितनी हिंसा हुई है, उसका दो फीसदी भी रिकॉर्ड में नहीं है. ज्यादा पीड़ित दलित हैं और उनके घर तोड़कर उन्हें पलायन को मजबूर किया गया है.

आतिफ रशीद ने कहा कि मैं जब जादवपुर पहुंचा, तो उसके एक घंटे पहले डीएम व एसएसपी को इसकी सूचना दे दी गयी थी. पीड़ित काफी डरे हुए हैं, लेकिन मैंने शानू नामक एक पीड़ित को तैयार किया कि वह हमें जगह दिखाये. जैसे ही हम वहां पहुंचे, एक पॉलिटिकल पार्टी के ऑफिस से लोग निकले. इनमें कई महिलाएं भी थीं.

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आतिफ रशीद ने कहा कि उन लोगों ने शानू को हमारे सामने मारा. मुझ पर और सीआइएसएफ के जवानों पर चप्पल व पत्थर बरसाये. हमें घेर लिया गया. लोकल पुलिस हमारी मदद करने के लिए आगे नहीं आयी. महिलाएं गोश्त काटने वाला चाकू दिखा रहीं थीं.

सेना ही बहाल कर पायेगी भरोसा- आतिफ रशीद

उन्होंने कहा कि मुझसे ही कोई फिर से वहां जाने को कहे, तो शायद मैं ही ना जाऊं. जब मैं खुद इतना डर गया हूं, तो पीड़ित कितने डरे-सहमे होंगे आप खुद इसका अंदाजा लगा सकते हैं. मुझे लगता है कि अब मिलिट्री ही वहां भरोसा बहाल कर सकती है और तभी लोग वापस आ पायेंगे.

आतिफ रशीद ने कहा कि भले ही पहले जो कुछ भी बंगाल में हुआ, वो राज्य सरकार के इशारे पर हुआ हो, पर अब मामला राज्य सरकार के हाथ से भी निकल गया है. वहां गुंडों ने लोगों के घरों पर कब्जा कर रखा है. लोगों के मन में खौफ है. वे अपने घर नहीं लौट रहे हैं.

Posted By: Mithilesh Jha

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