AI कैमरा काट रहा PUC चालान, बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के चला रहे हैं गाड़ी, तो हो जाएं सावधान

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 23 Oct 2023 2:08 PM

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दिल्ली में अब गाड़ियों से होनेवाले प्रदूषण (Pollution in Delhi) को रोकने के लिए एक नया तरीका निकाला गया है. दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) से लैस कैमरा (AI Camera) लगाये जा रहे हैं, जो इस बात की जांच करेंगे कि किस गाड़ी के नाम पॉल्यूशन सर्टिफिकेट है और किसके पास नहीं.

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PUC Check with AI Camera : हमारे देश भारत की राजधानी दिल्ली की हवा (Air Quality Index) इतनी खराब हो गई है कि दुनियाभर में इसकी चर्चा हो रही है. सांस की समस्या से जूझ रहे लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे घर से कम ही बाहर निकलें. दिनोंदिन जानलेवा होती हवा की वजह से कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. कई लोगों की आंखों में जलन हो रही है, तो कई लोगों को सर्दी और खांसी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार ने कई तरह के इंतजाम कर रखे हैं. इन्हीं में से एक है गाड़ियों से उठनेवाले धुएं पर लगाम लगाने की कवायद.

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किस गाड़ी के नाम वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट है?

दिल्ली में स्मॉग (Smog in Delhi) के बढ़ने और पॉल्यूशन की रोकथाम के लिए सीएम अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) कई नये नियम लागू करते हैं. अब गाड़ियों से होनेवाले प्रदूषण को रोकने के लिए एक नया तरीका निकाला गया है. दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कैमरा लगाये जा रहे हैं, जो इस बात की जांच करेंगे कि किस गाड़ी के नाम वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट है और किसके पास नहीं.

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SMS के जरिये वाहन मालिक को नोटिस

AI पावर्ड ये स्पेशल कैमरे वाहन के नंबर प्लेट को कैप्चर करते हैं और इसे अपने डेटाबेस के साथ क्रॉस-चेक करते हैं. यदि कोई वाहन बिना वैध PUC के इन कैमरों द्वारा कैद किया जाता है, तो उस वाहन के मालिक को दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा एसएमएस के जरिये एक नोटिस जारी किया जाएगा. वर्तमान में, विभाग केवल एसएमएस के जरिये उल्लंघनकर्ताओं को नोटिस भेज रहा है. वहीं, ई-चालान बनाने और उन्हें सीधे उन मालिकों को भेजने का काम भी चल रहा है.

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AI-पावर्ड कैमरों की टेस्टिंग

दिल्ली सरकार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले दो महीनों से दिल्ली के चार लोकेशंस पर AI-पावर्ड कैमरों को टेस्ट कर रही है, जिनमें मॉडल टाउन, शास्त्री नगर, माॅल रोड और शाहदरा शामिल हैं. इन इलाकों में कुल चार पेट्रोल पंपों पर इन खास कैमरों को फिट किया गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इन कैमरों से पता चलता है कि पंपों में आने वाले 15-20 प्रतिशत वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं था.

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कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी?

पेट्रोल पंप पर लगा यह कैमरा एक कंटीन्यूअस इमेज सीक्वेंस यानी सतत छवि अनुक्रम कैप्चर करता है. इसके बाद इसकी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक इसके छोटे-छोटे फ्रेम तैयार कर उनमें एयर पार्टिक्युलेट मैटर के घनत्व का पता लगाते हैं. गाड़ी से छूटे धुएं में पार्टिक्युलेट मैटर का घनत्व अधिक होता है, कैमरा उसके नंबर प्लेट की तस्वीर लेकर अपने सर्वर में मौजूद उसकी डीटेल खंगाल कर उसके मालिक का पता लगाता है. इसके बाद सरकारी विभाग उसके मालिक के पते पर नोटिस या चालान भेजने की व्यवस्था करता है.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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