AI ने टेक्नोलॉजी तो खूब बदली, लेकिन ह्यूमन स्किल का तोड़ निकालना अब भी मुश्किल, पढ़ें यह दिलचस्प सर्वे रिपोर्ट

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 16 Dec 2023 5:11 PM

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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) यानी एआई (AI) से टेक्नोलॉजी सेक्टर के नये प्रोडक्ट्स में अभूतपूर्व तेजी आने से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभागों को कुशल प्रतिभा तलाशने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. एक सर्वे में यह दावा किया गया है.

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Artificial Intelligence Vs Human Skill : आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) तेजी से अपना पांव फैला रहा है. यह हर क्षेत्र को तेजी से अपनी गिरफ्त ले रहा है. इससे आनेवाले समय में नौकरियों पर बड़ा संकट आने वाला है. कहा जा रहा है कि अगर आप एआई का इस्तेमाल जानेंगे तो अपनी जॉब को सुरक्षित कर पाएंगे. लेकिन क्या वास्तव में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ह्यूमन इंटेलीजेंस की जगह ले सकता है ? आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) यानी एआई (AI) से टेक्नोलॉजी सेक्टर के नये प्रोडक्ट्स में अभूतपूर्व तेजी आने से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभागों को कुशल प्रतिभा तलाशने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. एक सर्वेक्षण निष्कर्ष में यह दावा किया गया है.

वर्कफोर्स को ट्रेनिंग की जरूरत

शिक्षा-प्रौद्योगिकी कंपनी स्किलसॉफ्ट ने ‘आईटी दक्षता और वेतन सर्वेक्षण, 2023’ के नतीजे जारी करते हुए कहा है कि आईटी विभागों को एआई गतिरोधों के मद्देनजर अपनी जरूरतों के हिसाब से प्रतिभा तलाशने में समस्या हो रही है. सर्वेक्षण में शामिल तीन में से एक आईटी अगुवा को योग्य प्रतिभा खोजने में कठिनाई हो रही है. स्किलसॉफ्ट के मुख्य सूचना अधिकारी ओरला डेली ने कहा, एआई ने व्यवधान को अभूतपूर्व तेजी दी है लेकिन इससे कार्यबल को प्रशिक्षण की जरूरत भी खुलकर उजागर हुई है. संगठन एक ऐसे मुकाम पर हैं जहां उन्हें कौशल एवं क्षमताओं के निर्माण को लेकर सुविचारित और सक्रिय होने की जरूरत है. ऐसा न होने पर उनके एआई के दौर में पिछड़ जाने का जोखिम है.

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करियर में तरक्की का मौका

यह सर्वेक्षण आईटी क्षेत्र के कर्मचारियों एवं कंपनी प्रमुख समेत 5,700 से अधिक पेशेवरों से मिले जवाब पर आधारित है. करीब 82 प्रतिशत आईटी पेशेवरों ने कहा कि प्रशिक्षण उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और करियर विकास का मौका न मिलना पिछले साल नौकरी बदलने के पीछे अहम कारक रहा. सर्वेक्षण के मुताबिक, आईटी उद्योग में परंपरागत तौर पर मुश्किल या तकनीकी कौशल को प्राथमिकता मिलती रही है जबकि जेनरेटिव एआई जैसी बदलावकारी प्रौद्योगिकी को अपनाने और आगे बढ़ाने में जरूरी होने के बावजदू सॉफ्ट स्किल को दरकिनार किया जा सकता है.

पावर स्किल की जरूरत

आईटी पेशेवरों का मत है कि टीम संचार (40 प्रतिशत), पारस्परिक संचार (21 प्रतिशत) और भावनात्मक मेधा (13 प्रतिशत) आईटी लीडर के लिए तीन सबसे महत्वपूर्ण कौशल हैं. इसके उलट सिर्फ छह प्रतिशत आईटी लीडर ने कहा कि नेतृत्व कौशल आगे बढ़ने वाले निवेश का एक प्रमुख क्षेत्र होगा और केवल सात प्रतिशत ने पावर स्किल के बारे में ऐसी ही राय रखी. सर्वेक्षण के मुताबिक, 72 प्रतिशत आईटी लीडर अपनी मौजूदा टीमों के नेतृत्व कौशल को मध्यम से निम्न श्रेणी में रखते हैं. इस तरह इस अहम क्षेत्र में प्रशिक्षण जरूरतों और प्राथमिकताओं के बीच एक बड़ा अंतर है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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