UPI के नये नियम 1 अप्रैल से हो रहे लागू, ऐसा करने से चूक गए तो रद्द हो सकता है आपका मोबाइल नंबर

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 19 Mar 2025 9:33 PM

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UPI New Rules April 2025 / Ai Image

UPI New Rules: यूपीआई के ये नये नियम डिजिटल पेमेंट को अधिक सुरक्षित और यूजर्स के अनुकूल बनाने के लिए लागू किये जा रहे हैं. इन बदलावों से न केवल धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी बल्कि यूजर्स को भी अधिक पारदर्शिता और सुविधाएं मिलेंगी.

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UPI New Rules April 2025: 1 अप्रैल 2025 से भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जुड़े कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं. ये बदलाव डिजिटल लेन-देन को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए किए जा रहे हैं. आइए जानते हैं इन नए नियमों के बारे में:

1. मोबाइल नंबर अपडेट करने का नया नियम

अब बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) हर हफ्ते अपने डेटाबेस को अपडेट करेंगे. इससे डिसकनेक्ट किए गए या नए जारी किए गए मोबाइल नंबरों को हटाया जाएगा, जिससे अनधिकृत UPI ऐक्सेस और धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी.

2. मोबाइल नंबर अपडेट के लिए यूजर की अनुमति जरूरी

अब UPI ऐप्स को किसी भी नंबर अपडेट या पोर्टिंग से पहले उपयोगकर्ता की सहमति (consent) लेनी होगी. यदि कोई यूजर सहमति नहीं देता है, तो उस नंबर के लिए UPI सेवाएं बंद हो सकती हैं.

3. UPI 123Pay की लिमिट बढ़ाई गई

UPI 123Pay के जरिए होने वाले लेन-देन की सीमा ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई है. यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए फायदेमंद होगा जो बिना इंटरनेट के डिजिटल भुगतान करना चाहते हैं.

4. कुछ बिल पेमेंट पर सुविधा शुल्क लागू होगा

अब कुछ विशेष बिल भुगतान पर 0.5% से 1% तक का सुविधा शुल्क (convenience fee) और GST जोड़ा जाएगा. यह शुल्क UPI प्लैटफॉर्म के संचालन की लागत को कवर करने के लिए लगाया जा रहा है.

5. अंतरराष्ट्रीय UPI लेन-देन की सुविधा

अब भारतीय उपयोगकर्ता विदेश यात्रा के दौरान भी UPI के जरिये भुगतान कर सकेंगे. यह सुविधा डिजिटल पेमेंट को ग्लोबल लेवल पर ले जाने में मदद करेगी.

6. क्रेडिट कार्ड से UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क

यदि कोई उपयोगकर्ता ₹2,000 से अधिक का UPI ट्रांजैक्शन क्रेडिट कार्ड से करता है, तो उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा. यह नियम ट्रांजैक्शन की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लागू किया गया है.

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7. थर्ड-पार्टी UPI ऐप्स पर 30% वॉल्यूम कैप

अब कोई भी थर्ड-पार्टी UPI ऐप (जैसे GPay, PhonePe, Paytm) कुल UPI ट्रांजैक्शन का 30% से अधिक हिस्सा नियंत्रित नहीं कर सकेगा. इससे डिजिटल पेमेंट सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और मोनोपॉली खत्म होगी.

8. UPI सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा

इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य UPI ट्रांजैक्शन को अधिक सुरक्षित बनाना है. मोबाइल नंबर अपडेट प्रक्रिया को मजबूत करने और उपयोगकर्ताओं की सहमति लेना अनिवार्य करने से ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा.

यूपीआई यूजर्स के लिए जरूरी सलाह

अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखेंUPI ऐप्स से आने वाले नंबर अपडेट रिक्वेस्ट्स को सही समय पर स्वीकार करें
UPI ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें ताकि नई सुविधाओं का लाभ मिल सके

डिजिटल पेमेंट होगा ज्यादा सुरक्षित

यूपीआई के ये नये नियम डिजिटल पेमेंट को अधिक सुरक्षित और यूजर्स के अनुकूल बनाने के लिए लागू किये जा रहे हैं. इन बदलावों से न केवल धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी बल्कि यूजर्स को भी अधिक पारदर्शिता और सुविधाएं मिलेंगी.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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