क्या आप जानते हैं ‘Google’ की कहानी? कहां से आया गूगल का नाम, कैसे हुई इसकी शुरुआत
Story of Google
Story of Google: आज हर कोई गूगल का इस्तेमाल करता है.लेकिन कोई भी गूगल के बारे में नहीं जानता. आज के इस आर्टिकल में जानिए गूगल की शुरुआत से लेकर अब तक का सफर.
Story of Google: किताबों की दुनिया से निकल कर अब हम टेक्नोलॉजी की दुनिया में आ गए हैं. पहले किसी चीज के बारे में जानने के लिए हम किताबों का सहारा लेते थे और अब गूगल का. हम दिन में एक बार तो जरूर गूगल सर्च इंजन का इस्तेमाल कर ही लेते हैं. बस एक शब्द लिखते हैं और गूगल हमें उस टॉपिक से जुड़ी हजारों जानकारी हमें दिखा देता है. पढ़ाई से लेकर देश-दुनिया, एंटरटेनमेंट, कुकिंग और स्पोर्ट्स से लेकर हर चीज की जानकारी हम आसानी से आज गूगल से ले सकते हैं. शायद ही ऐसी कोई जनकारी होगी जिसके बारे में गूगल नहीं जानता होगा.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे काम आने वाला यह गूगल आखिर बना कैसे? इस तरह की टेक्नोलॉजी को बनाने के पीछे किसकी सोच थी. नहीं न, तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे गूगल की कहानी…
जानकारी कहां से लाता है गूगल
सबसे पहले हम जानते हैं की आखिर गूगल जानकारी लाता कहां से है? दरअसल, गूगल एक सॉफ्टवेयर वेब क्रॉलर का इस्तेमाल करता है. यह सॉफ्टवेयर तरह-तरह की वेब पेजों को खोजता है और उनमें मौजूद लिंक्स को फॉलो कर उसका डेटा इकट्ठा करता है. इसके बाद उस डेटा को गूगल के इंडेक्स में जोड़ने का काम करता है. ऐसे में जब हम गूगल पर कुछ चीजें सर्च करते हैं तो फिर गूगल हमारे सवाल को अपने इंडेक्स में खोजता है और फिर हमें उसका जवाब देता है.
ऐसे हुई Google की खोज
Google की खोज दो पीएचडी (PHD) स्टूडेंट्स Larry Page और Sergey Brian ने की थी. साल 1996 के दौरान कैलिफोर्निया के स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में PHD की पढ़ाई कर रहे Larry Page और Sergey Brian ने Google को एक छोटे प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया. दोनों ने साथ मिलकर Google.stanford.edu सर्च इंजन बनाई. जिसका नाम इन्होंने Backrub रखा था.
Google का मतलब
जानकारी के अनुसार, 1997 में Google की शुरुआत करने के दौरान Larry Page और Sergey Brian ने अपने इस छोटे प्रोजेक्ट का नाम Backrub से बदलकर “Google” रखा. Google शब्द मैथ्स से जुड़ा हुआ “Googol” से प्रेरित था. जिसका मतलब नंबर के पीछे 100 जीरो से है. “Google” को शरू करने के पीछे Larry Page और Sergey Brian का मकसद सारी जानकारियों को एक जगह इकट्ठा करना था. लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि उनका ये छोटा सा प्रोजेक्ट आज सभी की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बन जाएगा. इतना ही नहीं, आज गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन भी है. लेकिन डोमेन रजिस्टर करने के दौरान Googol को गलती से Google लिख दिया गया. जिसके बाद से यह Google के नाम से फेमस हो गया.
पहला डूडल होमपेज बना ‘Google’
इसके बाद 1998 में कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में Google का पहला ऑफिस खोला गया. जहां से गूगल इंक की शुरुआत आधिकारिक तौर पर की गई. दुनिया भर में इसने अपनी एक अलग पहचान बना ली. इसी साल Google का पहला डूडल होमपेज (Doodle Homepage) बनाया गया. जिसके एक साल बाद 1999 में कंपनी ने मेनलो पार्क से गूगल ऑफिस को कैलिफोर्निया के पालो अल्टो में शिफ्ट कर दिया.
इसके बाद Google ने साल 2000 में गूगल ऐडवर्ड्स (Google AdWords) की शुरुआत की. जिसके बाद देखते ही देखते ऑनलाइन एड (Online Advertising) देने वाली सबसे बड़ी कंपनी Google बन गई. जिसके बाद अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए गूगल ने दुनिया को अप्रैल 2004 में Gmail फिर 2005 में Google Map का तोहफा दिया. इसके बाद साल साल 2006 में दुनिया का सबसे बड़ा वीडियो प्लेटफ़ॉर्म “यूट्यूब” (YouTube) अपने नाम कर लिया. 2007 में Google ने एंड्रायड (Android) को खरीद लिया, जो आज स्मार्टफोन का सबसे बढ़िया ऑपरेटिंग सिस्टम है. इसके बाद Google ने 2008 में Chrome को लॉन्च किया.
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By राजीव कुमार
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जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.
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