PANCHAM Chatbot: गांव की सरकार अब और भी दमदार, WhatsApp बनेगा पंचायत ऑफिस

ई-ग्राम स्वराज का सारा डेटा अब व्हाट्सएप पर, ‘पंचम’ चैटबॉट ने आसान की राह / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से
PANCHAM चैटबॉट से अब पंचायत सेवाएं WhatsApp पर मिलेंगी. गांव वालों को दफ्तर के चक्कर से छुटकारा, डिजिटल इंडिया की नयी उड़ान.
PANCHAM Chatbot: पंचायत का काम है, तो दफ्तर जाओ, फाइल पकड़ो, इंतजार करो. गांव की गलियों में अक्सर लोग यही कहते मिल जाएंगे. लेकिन अब यह पुराना किस्सा बनने जा रहा है. केंद्र सरकार ने एक ऐसा डिजिटल हथियार लॉन्च किया है जो सीधे गांव वालों की जेब में बैठेगा. नाम है PANCHAM चैटबॉट. अब पंचायत से जुड़े कामों के लिए दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, WhatsApp ही बनेगा आपका पंचायत ऑफिस.
डिजिटल इंडिया की नयी उड़ान
डिजिटल इंडिया की लहर अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रही. सरकार ने PANCHAM चैटबॉट के जरिए गांव-गांव तक तकनीक का पुल बना दिया है. पहले जहां ग्रामीणों को जानकारी के लिए कई बार पंचायत भवन जाना पड़ता था, वहीं अब मोबाइल पर एक मैसेज से सब कुछ मिल जाएगा.

WhatsApp क्यों चुना गया?
सरकार ने PANCHAM को WhatsApp पर लॉन्च करने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि यह ऐप हर किसी के फोन में मौजूद है. कोई नया ऐप डाउनलोड करने की झंझट नहीं, कोई ट्रेनिंग की जरूरत नहीं. बस चैटिंग जैसा आसान इंटरफेस और तुरंत जवाब. यही वजह है कि इसे “सबसे आसान पंचायत ऑफिस” कहा जा रहा है.
पंचायत सेवाओं तक सीधी पहुंच
PANCHAM चैटबॉट को ई-ग्राम स्वराज प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है. यानी पंचायत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से यह सीधे काम करेगा. चाहे बात हो GPDP की योजना की, LGD की जानकारी की या फिर मंत्रालय की नई पहल की- सब कुछ अब WhatsApp पर.
30 लाख प्रतिनिधियों से सीधा कनेक्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, PANCHAM पहली बार केंद्र सरकार को देशभर के 30 लाख से ज्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों से जोड़ रहा है. इससे न सिर्फ जानकारी का लेन-देन तेज होगा बल्कि प्रशासनिक कामकाज भी पहले से ज्यादा पारदर्शी और आसान बन जाएगा.
गांव वालों को क्या फायदा?
गांव के लोग अब प्रमाण पत्र, योजनाओं की जानकारी, पंचायत सेवाओं और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी घर बैठे हासिल कर सकेंगे. सबसे बड़ी राहत यह है कि इसमें सिर्फ प्रमाणित और अपडेटेड जानकारी ही मिलेगी. यानी अफवाहों और गलत सूचना से छुटकारा.
यह भी पढ़ें: PM Kisan: क्या आपके खाते में आएंगे ₹2000? लिस्ट से नाम कटने से पहले ऐसे बचाएं अपनी किस्त!
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




