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अमेरिका में भारतीय छात्र के साथ अपराधियों जैसा सलूक! हाथ में हथकड़ी लगा जमीन पर गिराया, वीडियो वायरल

Updated at : 10 Jun 2025 5:42 PM (IST)
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अमेरिका में भारतीय छात्र के साथ अपराधियों जैसा सलूक! हाथ में हथकड़ी लगा जमीन पर गिराया, वीडियो वायरल
Indian Student Deportation Viral Video

अमेरिका में एक भारतीय छात्र के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया गया है. छात्र के हाथ-पैर में हथकड़ी लगा उसे जमीन पर गिराया गया है. इतना ही नहीं, उसे रोकने के लिए चार-चार अधिकारी पकड़े हुए हैं. वहीं, इस दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

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Indian student Deportation Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. जिसमें अमेरिका के नेवार्क एयरपोर्ट पर एक भारतीय छात्र के साथ अधिकारियों द्वारा क्रूर व्यवहार किया जा रहा है. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कैसे छात्र के हाथ-पैर में हथकड़ी बांध उसे फर्श पर गिरा दिया गया है. इतना ही नहीं, छात्र के पीठ को घुटनों से दबाकर उसे जबरन रोकने की कोशिश की जा रही है. वहीं, सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होते ही भारतीयों में काफी रोष देखने को मिल रहा है. हजारों यूजर्स ने इस वीडियो पर कमेंट करते हुए भारत सरकार से इन मामलों पर ध्यान देने की अपील भी की है.

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एंटरप्रेन्योर कुणाल जैन ने शेयर किया वीडियो

वहीं, छात्र के साथ हुए इस दुर्व्यवहार का वीडियो भारतीय-अमेरिकी हेल्थ टेक एंटरप्रेन्योर कुणाल जैन ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. इस घटना को मानवीय त्रासदी बताते हुए कुणाल जैन ने भारतीय दूतावास से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील है. कुणाल जैन ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है कि, ‘कल रात नेवार्क एयरपोर्ट पर मैं एक युवा भारतीय छात्र को निर्वासित किए जाने का साक्षी बना. हथकड़ी में बंधे रोते हुए छात्र के साथ अपराधी की तरह व्यवहार किया जा रहा था. वह अमेरिका अपने सपनों को पूरा करने आया था न कि किसी को नुकसान पहुंचाने. एक NRI होने के नाते मुझे इस बात का बेहद अफसोस हुआ कि मैं कुछ कर नहीं पाया. मैं असहाय और दुखी महसूस कर रहा था. यह एक मानवीय त्रासदी से कम नहीं.’

जैन ने कहा कि, ‘छात्र हरियाणवी में बोल रहा था. जिस पर अधिकारी कह रहे थे कि उन्हें हिंदी समझ नहीं आती. ऐसे में मैनें पुलिस अधिकारी से पूछा भी कि क्या भाषा समझने में वे कुछ मदद कर सकते हैं? लेकिन अधिकारियों ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी. आगे कुणाल ने कहा कि, ऐसा नहीं है कि छात्र को इंग्लिश नहीं आती होगी. लेकिन उस वक्त छात्र इतना परेशान था कि वह हिंदी बोल रहा था. बस यही वजह थी कि उसका वीजा खारिज कर दिया गया.

कुणाल जैन ने कहा कि, भारत से छात्र बड़े सपने लेकर अमेरिका आते हैं. इतना ही नहीं, भारत की तुलना में वे यहां तीन गुना ज्यादा फीस भी देते हैं. लेकिन फिर भी पढ़ाई पूरी होने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल पाती है और उनका वीजा एक्सपायर हो जाता है. जिसके बाद उन्हें कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ता है.

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Shivani Shah

लेखक के बारे में

By Shivani Shah

डिजिटल पत्रकारिता में 3 सालों का अनुभव है. प्रभात खबर में जूनियर टेक कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं. टेक्नोलॉजी कैटेगरी में ये स्मार्टफोन से लेकर टेक-टिप्स, गैजेट्स, एआई, सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च-बेस्ड, इन-डेप्थ और यूजर-फोकस्ड कंटेंट लिखती हैं. इसके अलावा ये ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं.

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