रैगिंग की जांच में विलंब को लेकर इसी सदस्य ने वीसी को लिखा पत्र

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 25 Jul 2024 1:51 AM

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अंतरिम कुलपति ने कहा ले रहे कानूनी सलाह

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कोलकाता. जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) की कार्यकारी परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) के एक सदस्य ने कुलपति को पिछले साल अगस्त में मारे गये प्रथम वर्ष के छात्र की रैगिंग के लिए जिम्मेदार छात्रों को कारण बताओ पत्र जारी करने में “विलंब ” को लेकर पत्र लिखा है. विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेनेवाली एक्जीक्यूटिव काउंसिल (इसी) आंतरिक जांच में दोषी पाये गये छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया था. काउंसिल के सदस्य काजी मासूम अख्तर ने कुलपति को लिखा है कि रैगिंग के आरोपियों को कारण बताओ नोटिस अभी तक क्यों नहीं दिया गया, जबकि कार्यकारी परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया था. उन्होंने कहा : मैं यह भी पूछना चाहता हूं कि सम्मानित कार्यालय प्रथम वर्ष के छात्र की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू किये बिना परिसर में रैगिंग को कैसे रोकने का इरादा रखता है? जेयू के अंतरिम कुलपति भास्कर गुप्ता ने बताया कि हम कानूनी सलाह लेने के बाद कारण बताओ पत्र जारी करेंगे. उम्मीद है कि अगले सप्ताह पत्र जारी किये जायेंगे. ध्यान रहे कि सीनियर छात्रों ने 17 वर्षीय प्रथम वर्ष के छात्र को गत वर्ष नौ अगस्त को जेयू मेन हॉस्टल की दूसरी मंजिल की बालकनी से फेंक दिया था, जिससे 10 अगस्त की सुबह उसकी मौत हो गयी. छात्र की मौत को करीब एक साल हो गया है, लेकिन अब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिला है. काउंसिल के पिछले प्रस्ताव में कहा गया है कि एक दिसंबर, 2023 को अपनी बैठक में एंटी-रैगिंग स्क्वॉड के निर्णय के आधार पर एंटी-रैगिंग कमेटी की सिफारिश को इस शर्त के साथ मंजूरी दी गयी थी कि फंसे हुए सभी छात्र, पूर्व छात्र, बाहरी लोगों को जेयू द्वारा जारी किये जाने वाले कारण बताओ नोटिस का जवाब देकर खुद का बचाव करने की अनुमति दी जायेगी. एक पखवाड़ा से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नोटिस जारी नहीं किया गया. अगर विश्वविद्यालय कारण बताओ नोटिस जारी करने में इतना समय लगाता है, तो वह दोषियों को दंडित करने का साहस कब दिखायेगा. रैगिंग विरोधी कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि रैगिंग के दौरान मुख्य छात्रावास के पांच निवासी जो “मौजूद ” थे, उन्हें चार सेमेस्टर के लिए निष्कासित किया जा सकता है और जेयू छात्रावासों से स्थायी रूप से निष्कासित किया जा सकता है.

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