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कलकत्ता विश्वविद्यालय में सिंडिकेट की बैठक 24 को

Updated at : 20 May 2024 1:16 AM (IST)
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कलकत्ता विश्वविद्यालय में सिंडिकेट की बैठक 24 को

कलकत्ता विश्वविद्यालय ने आगामी 24 मई को सिंडिकेट की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है.

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बैठक में स्नातक में सीटें बढ़ाने व पाठ्यक्रम संशोधन जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श संभव संवाददाता, कोलकाता कलकत्ता विश्वविद्यालय ने आगामी 24 मई को सिंडिकेट की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है. हालांकि उच्च शिक्षा विभाग की ओर से राज्य-सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों को ऐसी कोई बैठक आयोजित न करने की सलाह दी गयी थी. इसके बावजूद 24 मई को सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय, ‘सिंडिकेट’ की बैठक आयोजित की जायेगी. ध्यान रहे, गत एक अप्रैल को विभाग ने विश्वविद्यालयों से कहा था कि वे अपने निर्णय लेने वाले निकायों की बैठकें न बुलायें. राज्य सरकार की स्वीकृति के बिना दीक्षांत समारोह भी संस्थान आयोजित न करें, क्योंकि विश्वविद्यालयों में नियमित व पूर्णकालिक कुलपति नहीं हैं. सीयू के रजिस्ट्रार देवाशीष दास ने बताया कि उन्होंने बैठक आयोजित करने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि स्नातक में सीटें बढ़ाने और पाठ्यक्रम में संशोधन जैसे मुद्दों पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है. आगामी 24 मई की बैठक में बायोकेमिस्ट्री विभाग में शिक्षकों को करियर एडवांसमेंट स्कीम देने के मुद्दे पर भी चर्चा की जायेगी. विभाग ने 1 अप्रैल को जारी अपनी परामर्श में विश्वविद्यालयों से किसी भी तरह के प्रमोशन लाभ की पेशकश से परहेज करने को कहा था, क्योंकि यह नियमों का उल्लंघन होगा. रजिस्ट्रार ने बताया कि 24 मई को सिंडिकेट की बैठक बुलायी गयी है. विभाग ने परामर्श जारी किया है, लेकिन अगर विश्वविद्यालय बैठक नहीं करता है, तो शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णयों को मंजूरी नहीं दी जा सकेगी और उन्हें क्रियान्वित नहीं किया जा सकेगा. विभाग द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है, विश्वविद्यालय राज्य सरकार की मंजूरी के बिना कोर्ट, सीनेट, सिंडिकेट, ई सी और विश्वविद्यालयों के अन्य निकायों की बैठकें और दीक्षांत समारोह आयोजित कर रहे हैं, जो पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय (कुलपतियों की सेवा की शर्तें और नियम व आधिकारिक संचार का तरीका और प्रक्रिया) नियम, 2019 के नियम 3(5) का उल्लंघन है. सी यू के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग से कोई मंजूरी लेने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि पहले के संचार को इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि विश्वविद्यालय का संचालन राज्यपाल द्वारा विभाग से परामर्श किये बिना नियुक्त कार्यवाहक कुलपति द्वारा किया जा रहा है. राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस राज्य-सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं और उन्होंने पिछले साल जून में शांता दत्ता को अंतरिम कुलपति नियुक्त किया था. विभाग ने कुलपतियों की नियुक्ति के कुलपति के अधिकार को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है. जब भी रजिस्ट्रार ने विभाग को सिंडिकेट बैठक आयोजित करने की अनुमति मांगी, तो उसे अस्वीकार कर दिया गय. 24 मई की सिंडिकेट की बैठक एक अप्रैल को दी गयी सलाह के बाद पहली बार होने वाली है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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