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सरकारी धान बिक्री केंद्र में प्रताड़ित हो रहे किसान

Updated at : 22 Jan 2020 1:39 AM (IST)
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सरकारी धान बिक्री केंद्र में प्रताड़ित हो रहे किसान

प्रति क्विंटल सात किलो के दर से अतिरिक्त धान वसूली का आरोप उत्तर दिनाजपुर जिले के किसानों में असंतोष रायगंज : जलपाईगुड़ी के बाद अब उत्तर दिनाजपुर में भी सरकारी धान बिक्री केंद्र में किसानों से अतिरिक्त धान लिये जाने का आरोप सामने आया है. किसानों का आरोप है कि प्रति क्वींटल 7 किलो के […]

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प्रति क्विंटल सात किलो के दर से अतिरिक्त धान वसूली का आरोप

उत्तर दिनाजपुर जिले के किसानों में असंतोष
रायगंज : जलपाईगुड़ी के बाद अब उत्तर दिनाजपुर में भी सरकारी धान बिक्री केंद्र में किसानों से अतिरिक्त धान लिये जाने का आरोप सामने आया है. किसानों का आरोप है कि प्रति क्वींटल 7 किलो के दर से अतिरिक्त धान लिया जा रहा है. हालांकि जिला खाद्य विभाग ने इस आरोप को अस्वीकार किया है. सहायक मूल्य पर धान बेचने आये किसानों ने विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित करने का आरोप मिल मालिकों पर लगाया है.
बिंदोल गांव के किसान दुर्लभ घोष ने कहा लगभग दो महीने पहले रजिस्ट्रेशन करने के बाद भी उदयपुर किसान मंडी में बिक्री के दौरान प्रति क्वींटल 7 किलो धान अतिरिक्त वसूला गया.
बड़ुआ गांव के किसान कालु मोहम्मद ने कहा कि साफ सुथरा धान होने के बावजूद सहायक मूल्य पर धान बेचने के दौरान प्रति क्वींटल 7 किलो धान अतिरिक्त वसूला गया. किसानों का आरोप है कि मिल मालिक के साथ ही अतिरिक्त धान का रुपया स्थानीय प्रभावशाली से लेकर प्रशासन के लोगों के जेब में जा रहा है.
ऐसा हर एक धान बिक्री केंद्र हो रहा है, और भी कई तरीके से किसान प्रताड़ित हो रहे हैं. हेमतावाद के बंगालबाड़ी गांव के किसान तथा तृणमूल के स्थानीय नेता का आरोप है कि सहायक मूल्य पर धान खरीद की आढ़ में लूटपाट चल रहा है. मिल मालिकों को आगे करके एक गिरोह सक्रिय है जिन्होंने यह लूट मचा रखा है. रामपुर ग्राम पंचायत के तृणमूल पंचायत सदस्य मलय सरकार ने कहा कि धान बिक्री में विभिन्न प्रकार से किसानों को ठगने की शिकायत मिली है.
इन केंद्रों पर प्रशासन के उच्चाधिकारियों की निगरानी की मांग की गयी है. उत्तर दिनाजपुर राइस मिल एसोसिएशन अध्यक्ष अमित कुंडु ने कहा कि जिले में जो धान उत्पादन होता है उससे प्रति क्वींटल 68 किलो चावल मिलना संभव है. गुणवत्ता कम होने पर किसानों की सहमति से क्वींटल प्रति कुछ धान ज्यादा लिया जाता है.
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले भी अतिरिक्त धान व धान का बोरा लेने की शिकायत पर रायगंज किसान मंडी में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया था. यह नाराजगी दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. किसानों ने बताया कि धान गोदामों में ले जाने के जगह पर मिल मालिक व उनके आदमी खड़े होकर अतिरिक्त धान तय कर देते हैं. साफ सुथरा व अच्छा धान होने के बावजूद उनसे क्वींटल प्रति 7 किलो अतिरिक्त धान लेना तय कर दिया गया है.
प्रति क्वींटल धान का सहायक मूल्य 1835 रुपये है. लेकिन अतिरिक्त धान, बोरियां, गाड़ी का किराया, मजदूरी, वजन करवाने का खर्च चुकाने के बाद 1500 रुपये क्वींटल ही मिल पाता है. इस स्थिति में गाड़ी भाड़ा देकर दूर दराज से आये किसान धान वापस भी नहीं ले जा पाते हैं.
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