केएसटीपी : अड्डा ने एडीएसआर को फ्लैट का रजिस्ट्रेशन नहीं करने का दिया निर्देश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jan 2020 1:09 AM

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अड्डा के सीईओ ने पत्र लिखकर निर्माण के किसी भी फ्लैट रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने को कहा अवैध निर्माण को लेकर जमीन के पट्टेदार के खिलाफ थाने में दर्ज हुई है प्राथमिकी 2013 में अड्डा में लीज डीड रद्द किया, 2015 में बन गयी सात मंजिला इमारत निर्माण कार्य में सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ीं, […]

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अड्डा के सीईओ ने पत्र लिखकर निर्माण के किसी भी फ्लैट रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने को कहा

अवैध निर्माण को लेकर जमीन के पट्टेदार के खिलाफ थाने में दर्ज हुई है प्राथमिकी
2013 में अड्डा में लीज डीड रद्द किया, 2015 में बन गयी सात मंजिला इमारत
निर्माण कार्य में सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ीं, निर्माण को तोड़ने की कानूनी सलाहकार ने दी हरी झंडी
आसनसोल : कन्यापुर सेटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट (केएसटीपी) के आवासीय क्षेत्र सेक्टर एच में प्लॉट संख्या सीबी/14 पर बने जी+6 बहुमंजिली इमारत के निर्माण को अवैध करार देते हुए अड्डा में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण प्रसाद ने आसनसोल के अतिरिक्त जिला सब रजिस्टार (एडीएसआर) को उक्त जमीन पर किसी भी मकान (फ्लैट) की रजिस्ट्रेशन नहीं करने को लेकर पत्र लिखा.
इससे पूर्व जमीन के पट्टेदार मोहम्मद अनवर अली के खिलाफ आसनसोल नॉर्थ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. सूत्रों के अनुसार, अड्डा प्रबंधन उक्त निर्माण को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसके तहत निर्माण कार्य को सील करने की प्रक्रिया अपनायी जा रही है.
क्या है मामला?
केएसटीपी के आवासीय क्षेत्र में प्लॉट संख्या सीवी/14 को अड्डा प्रबंधन ने कोलकाता निवासी मोहम्मद अनवर अली को वर्ष 1993 में आवंटित की थी. प्लॉट का लीज डीड सात मार्च 2002 को लागू हुआ. नियमानुसार पांच वर्ष के अंदर प्लॉट पर यदि निर्माण कार्य नहीं हुआ हो तो अड्डा उस जमीन को वापस लेने की प्रक्रिया अपना सकती है, जिसके तहत अली को नोटिस दिया गया.
उन्होंने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए एक्सटेंसन की मांग की. जिसकी मंजूरी दी गयी. वर्ष 2012 में अड्डा के सर्वे टीम ने जांच में पाया कि ऊक्त प्लॉट पर जी+5 की बहुमंजिली इमारत बन रही है, जिसकी कोई मंजूरी नहीं थी.
अड्डा कनूनी सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निर्माण कार्य को अबैध करार देते चार जनवरी 2013 को ऊक्त प्लॉट का लीज रद्द कर दिया और निर्माण कार्य को तोड़ने का नोटिस जारी किया गया. नोटिस की प्रति आसनसोल नगर निगम (ननि) को भी भेजी गई. इसके साथ ही ननि से ऊक्त निर्माण के संबंध में जानकारी मांगी गई. ननि से कोई जानकारी नहीं दी गयी. 20 अप्रैल 2015 को ननि ने ऊक्त निर्माण की मंजूरी दे दी.
15 नवम्बर 2017 को अड्डा की सर्वे टीम ने पुनः जांच में पाया कि ऊक्त प्लॉट पर जी+6 बहुमंजिली इमारत का निर्माण हो गया है. पट्टेदार श्री अली को पुनः कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. संतोषजनक उत्तर न मिलने पर कनूनी प्रक्रिया के तहत आसनसोल नॉर्थ थाने में पट्टेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए शिकायत की गई.
कानूनी सलाहकार के सुझाव पर दर्ज हुई प्राथमिकी
अड्डा प्रबंधन ने ऊक्त निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आरम्भ करने के लिए पूरे मामले को आसनसोल अदालत के अधिवक्ता व कनूनी सलाहकार तपन कुमार चट्टोपाध्याय के पास भेजा था. श्री चट्टोपाध्याय ने सुझाव देते हुए कहा था कि टाऊन एंड कंट्री प्लनिंग एक्ट 1979 की धारा 67(2) में मामले में पुलिस की मदद लेने का प्रावधान है.
जिसके तहत एक जून 2018 को सीईओ ने पूरी घटना की जानकारी और उससे जुड़ी सभी कागजात देकर आसनसोल नॉर्थ थाने में उक्त प्लॉट के पट्टेदार श्री अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए शिकायत की. इस बीच ऊक्त निर्माण को लेकर स्थानीय एक व्यक्ति ने मुख्य मंत्री, राज्य के शहरी विकास मंत्री सह जिला के सभी आधिकरियों को शिकायत भेजी.
शिकायत मिलते ही सीईओ ने पुनः 15 जनवरी 2019 को आसनसोल नार्थ थाना के प्रभारी को पत्र लिखा. जिसमें कहा गया कि कार्यालय को स्थानीय एक व्यक्ति से इस मुद्दे पर शिकायत प्राप्त हुआ है, जिसकी प्रति संदर्भ के लिए संलग्न करके भेजा गया है. कार्यालय को सूचित करें कि क्या आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही शुरू की गई थी या नहीं.
इसकी आधिकारिक सूचना थाना से अड्डा को प्राप्त नहीं हुई. सीईओ ने पुनः 20 दिसम्बर 2019 को मामले में पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) को पत्र भेजकर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, जिसमें थाना को भेजी गई पूर्व की सभी चिट्ठियों का भी उल्लेख किया गया. इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले में प्राथमिकी दर्ज की. पुलिस के अनुसार अड्डा से मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की शिकायत मिलते ही मामले की जांच की गई. शिकायत में कुछ तकनीकी त्रुटि होने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी. तकनिकी त्रुटि दूर करने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई.
अवैध निर्माण के रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक
अड्डा के सीईओ श्री प्रसाद ने ऊक्त बहुमंजिली इमारत में किसी भी फ्लैट के बिक्री पर रोक लगाने के लिए आसनसोल के एडीएसआर को पत्र लिखा. जिसमें ऊक्त प्लॉट पर निर्मित किसी भी फ्लैट की रजिस्ट्रेशन नहीं करने को कहा है. जमीन के पट्टेदार श्री अली ने इसे लेकर अड्डा को पूर्व में एक हलफनामा दिया था कि वे इसे किसी को बेचेंगे नहीं.
उनका परिवार काफी बड़ा है, सभी एक छत के नीचे रह सकें इसके लिए छह मंजिली इमारत बनाई है. सूत्रों के अनुसार अड्डा के लिए यह अपने किस्म का पहला मामला है. अड्डा प्रबंधन कनूनी सलाह लेकर ही सारी कार्यवाई कर रही है. इसे तोड़ने की दिशा में कनूनी सलाहकार से हरी झंडी मिल गयी है. तोड़ने के पहले निर्माण को सील करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
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