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तीस्ता कैनाल में मछली पालन को लेकर चर्चा

Updated at : 04 Dec 2019 1:42 AM (IST)
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तीस्ता कैनाल में मछली पालन को लेकर चर्चा

सीएम के निर्देश पर किया जा रहा मछली पालन पर विचार जलपाईगुड़ी : तीस्ता-महानंदा लिंक कैनल में मछली पालन को लेकर मंगलवार को शहर में प्रशासनिक बैठक हुई. आज सुबह आयोजित बैठक में नॉर्थ बेंगॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को लेकर जिला ग्रामोन्न्यन विभाग के कार्यालय में बैठक हुई. बैठक में तीस्ता सिंचाई विभाग, मत्स्य […]

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सीएम के निर्देश पर किया जा रहा मछली पालन पर विचार

जलपाईगुड़ी : तीस्ता-महानंदा लिंक कैनल में मछली पालन को लेकर मंगलवार को शहर में प्रशासनिक बैठक हुई. आज सुबह आयोजित बैठक में नॉर्थ बेंगॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को लेकर जिला ग्रामोन्न्यन विभाग के कार्यालय में बैठक हुई. बैठक में तीस्ता सिंचाई विभाग, मत्स्य विभाग के अलावा राजगंज से विधायक खगेश्वर राय उपस्थित रहे. इसके लिये एसोसिएशन को मछली पालन की एक रुपरेखा तैयार कर जिला प्रशासन को जमा देने के लिये कहा गया है.
उल्लेखनीय है कि पिछले माह उत्तरबंगाल के दौरे पर आयीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बैठक में एसोसिएशन के पक्ष से मछली पालन का प्रस्ताव दिया गया था. इसमें कहा गया था कि मछली पालन से राज्य सरकार के राजस्व में बचत होगी जो इन दिनों मछली के आयात के चलते दूसरे राज्यों को जा रहा है. साथ ही रोजगार के भी बढ़ने की भी संभावना रहेगी.
नॉर्थ बेंगॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का मानना है कि वर्तमान में उत्तर बंगाल में अन्य राज्यों से बड़े पैमाने पर मछलियों की आमद की जाती है. इससे राज्य के राजस्व का एक बड़ा भाग दूसरे राज्यों को चला जाता है. तीस्ता कैनल में मछली पालन करने से इस राजस्व की बचत होगी. इससे किसान भी लाभान्वित होंगे. एसोसिएशन के महासचिव सुरजीत पाल ने कहा कि मछली पालन में जैव खाद का उपयोग किया जायेगा. यह खाद पानी में घुलकर खेतों के लिये भी उर्वरक का काम करेगा.
हालांकि बैठक में तीस्ता बैरेज के कई अधिकारियों ने इस योजना को लेकर आशंका जतायी है. इनका कहना है कि बरसात में कैनल से काफी मात्रा में पानी छोड़ना पड़ता है. ऐसे में मछलियों के बह जाने का खतरा रहेगा. हालांकि उन्होंने भी माना कि कैनल में जाली लगाने से इस जोखिम से बचा जा सकता है.
जिला ग्रामोन्नयन अधिकारी देवाशीष चटर्जी ने बताया कि बैठक के बाद एसोसिएशन के महासचिव सुरजीत पाल को कहा गया है कि मछली पालन को लेकर एक रुपरेखा तैयार कर 18 दिसंबर के भीतर जिला प्रशासन में जमा दें. इस रिपोर्ट को राज्य सरकार के समक्ष भेजा जायेगा. विधायक खगेश्वर राय ने बताया कि उत्तरकन्या की बैठक में सीएम ने उन्हें मछली पालन के विषय को देखने के लिये कहा गया था. कैनल में मछली पालन करने से जिले का सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
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