पांचों आरोपियों की कोर्ट में हुई पेशी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Sep 2019 5:54 AM

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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने मुथूट फाइनेंस गोल्ड लूटकांड में उड़ीसा से गिरफ्तार पांचों आरोपियों को रविवार सिलीगुड़ी कोर्ट में पेश किया. जहां सुनवाई के बाद सभी को 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया. पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई चौकानेवाले राज से पर्दा उठा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक […]

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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने मुथूट फाइनेंस गोल्ड लूटकांड में उड़ीसा से गिरफ्तार पांचों आरोपियों को रविवार सिलीगुड़ी कोर्ट में पेश किया. जहां सुनवाई के बाद सभी को 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया.

पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई चौकानेवाले राज से पर्दा उठा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक लूटकांड को अंजाम देने के लिए तीन बेनामी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया था. तीनों सिम कार्ड को उड़ीसा से सिलीगुड़ी लाया गया था.
बताया जा रहा है कि इन्हीं पांचों आरोपियों ने लुटेरों तक सिम कार्ड पहुंचाया था. ज्ञात हो कि सिलीगुड़ी थाना पुलिस ने शुक्रवार को पांचों को उड़ीसा से गिरफ्तार किया था. शनिवार पांचों को ट्रांजिट रिमांड पर सिलीगुड़ी लाया गया.
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उन पांचों के नाम अशोक मांझी, सनातन केरी, अशोक चंद्र मेहेर, दिलेश्वर मेहेर व खिरोद चंद्र बल है. ये पांचों उड़ीसा के संबलपुर के रहने वाले हैं. इनमें अशोक चंद्र मेहेर व दिलेश्वर मेहेर दोनों सगे भाई हैं.
उनका उसी इलाके में एक मोबाइल दुकान भी है. सूत्रों का कहना है कि अशोक मांझी ने मोबाइल दुकान से एक लाख रुपये में तीन सिम कार्ड खरीदा था. इसके बाद अशोक ने सिम कार्ड को खिरोद व सनातन को बेच दिया था. उन दोनों ने उस सिम को लुटेरों तक पहुंचाया. लूट की घटना को अंजाम देने से पहले लुटेरों ने बागडोगरा से मोबाइल खरीद कर उक्त सिम कार्ड का इस्तेमाल आपस में बात करने के लिए किया था.
सिलीगुड़ी कोर्ट में पेशी के बाद सरकारी वकील सुदीप राय बसुनिया ने कहा कि लूटकांड की जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस ने वर्द्धमान रोड इलाके में एक्टिव सिम कार्ड का लोकेशन खंगालना शुरू किया था. जिसमें पुलिस को ये तीनों नंबर हाथ लगे.
उन्होंने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल मोबाइल व सिम कार्ड का जुगाड़ करने की जिम्मेदारी इन पांचों की थी. पुलिसिया पूछताछ में पांचों ने लुटेरों को पहचानने की बात को स्वीकार किया है.
वहीं बचाव पक्ष के वकील संतोष साहा ने बताया कि इन लोगों ने लुटेरों तक सिम कार्ड पहुंचाने में मदद की थी. जिस वजह से पांचों की गिफ्तारी हुई है. उनके उपर पुलिस ने धारा 395, 397, 420 व 25 तथा 27 के तहत केस दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि इन पांचों के पास से कोई भी हथियार बरामद नहीं हुआ है.
ज्ञात हो कि 24 अगस्त शनिवार को वर्द्धमान रोड स्थित एक मुथूट गोल्ड फाइनेंस कार्यालय में पांच बदमाशों ने भीषण लूटकांड को अंजाम देते हुए 45 किलो सोना व डेढ़ लाख रुपये लेकर फरार हो गये थे. पुलिस सूत्रों का कहना है कि पांचों से पूछताछ के बाद ही इस वारदात के मास्टरमाइंड का पता चल सकेगा.
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