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जमीन देनेवाले 14 परिवारों को मिलेगा मुआवजा: गौतम

Updated at : 26 Jul 2019 4:06 AM (IST)
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जमीन देनेवाले 14 परिवारों को मिलेगा मुआवजा: गौतम

सिलीगुड़ी : गाजोलडोबा में फ्लाईओवर निर्माण में जमीन अधिग्रहण को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त होने के कगार पर है. गुरुवार को राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने मैनाक टूरिस्ट लॉज में फ्लाइओवर निर्माण में जमीन गंवाने वाले 14 परिवार के सदस्यों को लेकर एक बैठक की. बैठक में मंत्री ने उन लोगों […]

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सिलीगुड़ी : गाजोलडोबा में फ्लाईओवर निर्माण में जमीन अधिग्रहण को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त होने के कगार पर है. गुरुवार को राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने मैनाक टूरिस्ट लॉज में फ्लाइओवर निर्माण में जमीन गंवाने वाले 14 परिवार के सदस्यों को लेकर एक बैठक की. बैठक में मंत्री ने उन लोगों की विभिन्न मांगों को पूरा करने का आश्वसन दिया.

वहीं जमीन देने वाले सभी परिवारों ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जतायी है. उन लोगों ने यह भी कहा कि जबतक समस्या का समाधान नहीं हो जाता है, वे आंदोलन को समाप्त नहीं कर करेंगे.
ज्ञात हो कि गत दो महीने से गाजोलडोबा तीस्ता बैरेज संलग्न उड़ाल पुल के निर्माण कार्य को लेकर इलाके के लोग आंदोलन कर रहे हैं.
लोगों का कहना है कि एक सरकारी विज्ञापन के माध्यम से उन्हें पता चला कि ब्रिज निर्माण मे कई परिवारों की जमीन चली जायेगी. इसको लेकर लोगों ने मुआवजे के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया. इस आंदोलन में मिलनपल्ली भूमि रक्षा कमेटी (गाजोलडोबा) के सदस्य भी शामिल है. गुरुवार को कमेटी के सदस्य तथा परिवार वालों को लेकर मंत्री ने एक बैठक की. बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए गौतम देव ने कहा कि गाजोलडोबा में पीडब्ल्यूडी द्वारा फ्लाइओवर का निर्माण कार्य चल रहा है.
जहां रास्ते के लिए 5 एकड़ भूमि की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि इलाके के 14 परिवार की जमीन रास्ता व ब्रिज के निर्माण में चली जायेगी. उन्होंने कहा कि लोगों की जमीन को बचाने के लिए सिचाई मंत्री व अन्य विभागों के साथ दो बार बैठक की थी. अंतिम बैठक में पीडब्ल्यूडी तथा निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज की उंचाई कम करने से वहां दुर्घटना की आशंका बढ़ जायेगी. जिसके बाद सरकार ने आंदोलनकारियों की कुछ बुनियादी मांग पूरा करने का फैसला लिया. उन्होंने कहा कि जमीन के बदले उसी इलाके में उन्हें दूसरा जमीन महैया करवाने के साथ जमीन का पट्टा देने, शौचालय निर्माण व इलाके का विकास करने का प्रस्ताव दिया गया है.
मंत्री ने बताया कि भूमि देने वाले 14 परिवार के सदस्यों को विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से नौकरी दी जायेगी. मंत्री ने यह भी कहा कि उक्त जमीन पर जो भी पेड़ है, वन विभाग की ओर से पेड़ों का उचित मूल्य दिलाने की कोशिश की जायेगी. मंत्री ने कहा कि इसमें भी दो परिवार के सदस्य ऐसे भी है जो काम करने में असमर्थ हैं, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे उस इलाके के विधायक नहीं हैं. लेकिन मंत्री होने के नाते वे अपनी पूरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
दूसरी ओर बैठक के बाद मिलनपल्ली भूमि रक्षा कमेटी के बादल राय ने बताया कि वे मंत्री की बातों से सहमत हैं. उनका कहना है कि मंत्री ने उन्हे नौकरी देने के साथ जमीन मुहैया व अन्य सुविधाओं को देने का आश्वासन दिया है. वे विकास के विरोधी नहीं है. अभी भी कुछ मांग बाकी है.
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