अपने को बचाने के लिए पार्टी छोड़कर भाजपा में गये
मुकुल ने तृणमूल के नेता-मंत्रियों को कटमनी का बंदरबाट करना सिखाया
मेयर का पलटवार- केंद्र में भाजपा की सरकार कराये सीबीआइ जांच
सिलीगुड़ी : कटमनी के मामले में भाजपा द्वारा लगाये आरोपों को बेबुनियाद ठहराते हुए सिलीगुड़ी के विधायक सह अशोक भट्टाचार्य ने भाजपा पर ही सवालिया निशान लगाया है. उन्होंने कहा कि कटमनी का लेन-देन सबसे पहले मुकुल राय द्वारा ही बंगाल में उस वक्त शुरू किया गया, जब वे तृणमूल के वरिष्ठ नेता हुआ करते थे. उसी दौरान ही उन्होंने हरेक विकास परियोजनाओं के बदले ठेकेदारों व अन्य से कटमनी वसूलते थे. लेना नहीं छोड़ते.
मुकुल राय ने ही ममता सरकार के सभी स्तर के नेता-मंत्रियों व अधिकारियों को कटमनी का बंदरबांट करना सिखाया. इसके अलावा मुकुल बंगाल के हर छोटे-बड़े घोटालों में भी फंसे हुए हैं. सारधा से लेकन नारदा तक के घोटालों में मुकुल राय संलिप्त हैं. सारधा-नारदा मामले की सीबाआइ जांच से बचने के लिए वह सबसे पहले तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये और आज भाजपा के एक मामूली प्रवक्ता बनकर अपने को बड़ा नेता साबित करने में लगे हैं.
उन्होंने कहा कि तृणमूल के कई नेता व विधायक अपने को बचाने के लिए भाजपा में शामिल हो रहे हैं. भाजपा का तृणमूलीकरण हो रहा है. श्री भट्टाचार्य ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की खुद की सरकार है तो एसजेडीए घोटाले समेत अन्य सभी घोटालों की सीबीआइ जांच क्यों नहीं कराती. इसके लिए वाम मोर्चा की ओर से कई बार मांग भी की जा चुकी है.
मीडिया के अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने भाजपा को लपेटते हुए कहा कि हाल ही में शहर में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में वे आयोजक कमेटी के आमंत्रण पर शामिल हुए थे. इस दौरान कौन मंत्री-नेता मौजूद थे, उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं था. उन्होंने कहा कि राजनैतिक मुद्दे को लेकर रैली नहीं निकाली गयी थी. उन्होंने कहा कि शहर के नागरिकों की समस्त परिसेवा के लिए वे हजार बार इस तरह की जागरूकता रैली में शामिल होंगे.
