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राज्य के विद्यार्थी ऑनलाइन उच्चशिक्षा की सुविधा से वंचित

Updated at : 17 Feb 2019 2:25 AM (IST)
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राज्य के विद्यार्थी ऑनलाइन उच्चशिक्षा की सुविधा से वंचित

रायगंज विश्वविद्यालय में ‘मूक’ को लागू करने की तैयारी रायगंज : यूजीसी की ओर से 2016 में ऑनलाइन उच्चशिक्षा के लिए विज्ञप्ति जारी की गयी थी. मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (मूक) के माध्यम से घर बैठे पढ़ाई की सुविधा देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से विज्ञप्ति जारी की गयी है. लेकिन […]

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रायगंज विश्वविद्यालय में ‘मूक’ को लागू करने की तैयारी

रायगंज : यूजीसी की ओर से 2016 में ऑनलाइन उच्चशिक्षा के लिए विज्ञप्ति जारी की गयी थी. मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (मूक) के माध्यम से घर बैठे पढ़ाई की सुविधा देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से विज्ञप्ति जारी की गयी है. लेकिन तीन साल बाद भी राज्य के किसी भी उच्च शिक्षा संस्थान में यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है. इसे लेकर राज्य के विद्यार्थी निराश हैं.
जानकारी मिली है कि हाल ही में रायगंज यूनिर्वसिटी कॉलेज के तीन शिक्षक सहित 24 अन्य कॉलेजों व यूनिवर्सिटी के शिक्षक-शिक्षिकाओं को लेकर ‘मूक’ पर एक वर्कशॉप आयोजित हुई. विश्वभारती में आयोजित इस वर्कशॉप में रायगंज विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ विद्युत कुमार सांतरा, डॉ तापस पाल, डॉ अभिक चटर्जी उपस्थित थे. कोर्स चालू करने के मामले में रायगंज विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार दुर्लभ कुमार सरकार ने छह महीने का समय मांगा है. उन्होंने कहा कि कुछ समस्या के कारण अभी तक कोर्स चालू करना संभव नहीं हुआ है. लेकिन जल्द से जल्द कोर्स चालू करने की कोशिश की जायेगी. रायगंज यूनिवर्सिटी के प्रॉफेसर डॉ तापस पाल ने ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में विदेशी सॉफ्टवेयर के बजाय देशी सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने पर जोर डाला. उन्होंने कहा वह ब्लॉग स्तर के क्लास नोट्स, प्रोजक्ट, फील्ड विजिट आदि व ऑनलाइन क्लास नोट्स समेत तमाम स्तर पर 2016 साल से विदेशी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते है. वह क्लास मार्कर सॉफ्टवेयर के माध्यम से विद्यार्थियों को क्लास टेस्ट लेना चाहते हैं. 2018 साल में प्रोफेसर तापस पाल द्वारा वेब शिक्षक व क्लास शिक्षक तथा भविष्य में ऑनलाइन शिक्षा के प्रसार पर लिखा एक पेपर यूजीसी अनुमोदित पत्रिका में प्रकाशित किया गया था. इसमें उन्होंने आगामी 50 वर्षों में शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर पर अपना शोध व रूपरेखा प्रस्तुत की थी.
प्रॉफेसर डॉ अभिक चटर्जी ने बताया कि मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (मूक) पूरे विश्व में समादृत है. व्यू एवं क्रेडिट दो तरह का कोर्स हैं. पाठ्यक्रम में वीडियो लेक्चर एसाइनमेंट एवं क्लास टेस्ट अपलोड किया रहता है. इसके चालू होने से छात्रा-छात्राएं काफी लाभान्वित होंगे. इसे जल्द ही रायगंज विश्वविद्यालय में चालू
किया जायेगा.
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