अब शायद बदले उत्तर पलाश की काया, प्रशासन की टूटी नींद,कैंप लगाये गये

Updated at : 22 Aug 2018 1:49 AM (IST)
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अब शायद बदले उत्तर पलाश की काया, प्रशासन की टूटी नींद,कैंप लगाये गये

बागडोगरा : सिलीगुड़ी शहर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है एक आदिवासी बहुल गांव उत्तर पलाश. यहां रहने वाले आदिवासी संप्रदाय के लोग विकास से कोसों दूर हैं. इन्हें अब तक जाति प्रमाण पत्र तक नहीं मिला है. जिसकी वजह से यहां रहने वाले आदिवासी संप्रदाय के लोग सरकारी सुविधाओं से वंचित […]

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बागडोगरा : सिलीगुड़ी शहर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है एक आदिवासी बहुल गांव उत्तर पलाश. यहां रहने वाले आदिवासी संप्रदाय के लोग विकास से कोसों दूर हैं. इन्हें अब तक जाति प्रमाण पत्र तक नहीं मिला है. जिसकी वजह से यहां रहने वाले आदिवासी संप्रदाय के लोग सरकारी सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं.
लेकिन अब लगता है इस गांव की तकरीर बदलने वाली है. राज्य सरकार तथा माटीगाड़ा ब्लॉक प्रशासन ने इस गांव को आदर्श गांव घोषित कर दिया है. उसके बाद यहां सरकारी अधिकारी आने जाने लगे हैं. कुछ लोगों के जाति प्रमाण पत्र बनाने का काम भी हुआ है. आने वाले दिनों में और भी आदिवासियों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे. सिलीगुड़ी महकमा के माटीगड़ा ब्लॉक स्थित चंपासारी ग्राम पंचायत के अधीन यह उत्तर पलाश गांव है. यह गांव महानंदा नदी के किनारे बसा हुआ है.
यहां की कुल जनसंख्या करीब 15 सौ है. कुल 316 परिवार यहां रहते हैं. जिसमें से 123 परिवार आदिवासी समुदाय के हैं. इन परिवारों की सदस्य संख्या लगभग 680 है. इनमें से मात्र 38 लोगों के पास ही जाति प्रमाण पत्र है. बाकी लोगों के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है. जिसकी वजह से आदिवासी समुदाय के युवक सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं. और भी कई सरकारी सुविधाएं जाति प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण इन लोगों को नहीं मिल पा रही है.
इस बात की जानकारी कुछ दिनों पहले प्रशासन को भी मिली. उसके बाद उत्तर पलाश गांव को आदर्श गांव घोषित कर यहां विकास कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है. सबसे पहले आदिवासियों के जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई. माटीगाड़ा ब्लॉक प्रशासन की ओर से बीडीओ रूनू राय ने इस गांव का दौरा किया.उन्होंने भी माना कि उत्तर पलाश के आदिवासियों को जाति प्रमाण पत्र नहीं मिला है.
उन्होंने यह भी कहा कि गांव का विकास किया जाएगा. लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता आदिवासी समुदाय को के लोगों को जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है. उसके बाद से लेकर अब तक उत्तर पलाश गांव में ब्लॉक प्रशासन की ओर से दो तीन बार कैंप आयोजित किए गए. माटीगाड़ा ब्लॉक बैकवर्ड क्लास वेलफेयर की टीम ने कैंप का आयोजन किया. आदिवासी समुदाय के लोगों से जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन करने की अपील की गई.
ऑनलाइन प्रक्रिया के द्वारा कई लोगों के जाति प्रमाण पत्र बन भी गए. फिर भी अभी काफी लोग ऐसे हैं जिनके जाति प्रमाण पत्र की व्यवस्था अब तक नहीं हुई है. हालांकि बीडीओ ने तमाम आदिवासी लोगों को जाति प्रमाण पत्र देने की बात कह रही है. उन्होंने इस गांव के विकास के लिए और भी कई परियोजनाओं पर काम करने का आश्वासन दिया.
इस बीच स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार इस गांव में मेच,उरांव तथा मुंडा जनजाति के लोग ज्यादा हैं. इनमें से काफी लोगों के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है. ऐसे लोगों ने जल्द से जल्द शिविर आयोजित कर जाती प्रमाण पत्र की व्यवस्था करने की मांग सरकार से की है.
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