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पुलिस किसी भी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं कर रही जांच

Updated at : 07 May 2024 1:43 AM (IST)
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पुलिस किसी भी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं कर रही जांच

कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (सेंट्रल डिविजन) इंदिरा मुखर्जी की तरफ से लिखित बयान में कहा गया है कि कोलकाता पुलिस किसी भी व्यक्ति विशेष के खिलाफ जांच नहीं कर रही है.

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छेड़खानी मामला. राजभवन के आरोप पर राज्य पुलिस का जवाब संवाददाता, कोलकाता राजभवन में छेड़छाड़ के मामले को लेकर रविवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस द्वारा संविधान का उल्लंघन कर कोलकाता पुलिस पर लगाये गये राज्यपाल के खिलाफ जांच के आरोप पर कोलकाता पुलिस की तरफ से लिखित बयान जारी किया गया है. कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (सेंट्रल डिविजन) इंदिरा मुखर्जी की तरफ से लिखित बयान में कहा गया है कि कोलकाता पुलिस किसी भी व्यक्ति विशेष के खिलाफ जांच नहीं कर रही है. बल्कि कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम, युवती की तरफ से हेयर स्ट्रीट थाने में दर्ज शिकायत की जांच कर रही है. बयान में कोलकाता पुलिस की तरफ से यह भी दावा किया गया है कि राजभवन से सीसीटीवी फुटेज सौंपने का अनुरोध किया गया है, लेकिन वह अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है. राजभवन में कार्यरत तीन कर्मचारियों को जांच में सहयोग करने के लिए हेयर स्ट्रीट थाने में बुलाया गया था, लेकिन वहां से एक भी कर्मचारी जांच में सहयोग करने के लिए नहीं पहुंचा है. गौरतलब है कि इस संबंध में राज्यपाल ने रविवार को ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट कर एक बयान जारी किया था, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 361 (2), (3) का उल्लेख कर उस धारा के अनुसार, किसी भी बड़े संवैधानिक पर पर रहते हुए किसी भी राज्य के राज्यपाल के विरुद्ध कोई आपराधिक जांच नहीं की जा सकती, इसका जिक्र किया गया था. उसे गिरफ्तार करना संभव भी नहीं है, इस बारे में भी जानकारी दी गयी थी. बयान में आगे बताया गया कि विभिन्न मीडिया में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा राज्यपाल के खिलाफ लगाये गये आरोपों के मद्देनजर स्पेशल इंक्वायरी टीम (एसईटी) का गठन करने की जानकारी मिली है, जो संविधान के खिलाफ है. बयान में यह भी सवाल उठाया गया था कि क्या पुलिस के पास संवैधानिक प्रमुख के खिलाफ जांच करने का कोई अधिकार क्षेत्र है. राज्यपाल के इस बयान के ठीक अगले दिन सोमवार को लालबाजार की तरफ से पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल कोलकाता) इंदिरा मुखर्जी का जवाबी बयान सामने आया है, जिसमें राज्यपाल के आरोप को बेबुनियाद बताया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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