खड़गपुर में 3 कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने किया ‘ब्रह्मास्त्र’ का इस्तेमाल

Published by :Mithilesh Jha
Published at :17 Apr 2026 9:00 PM (IST)
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West Bengal Election 2026 Security Kharagpur News

West Bengal Election 2026 Security: खड़गपुर टाउन पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दीपांकर शुक्ला समेत 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इन पर बीएनएस की धारा 111 के तहत कार्रवाई की गयी है.

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West Bengal Election 2026 Security: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले खड़गपुर टाउन पुलिस ने संगठित अपराध के सिंडिकेट को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने 3 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है. खड़गपुर पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए संदेश है कि अब बार-बार अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा.

3 आरोपियों की फिल्मी स्टाइल में हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 3 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. सभी को फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. हालांकि, इसका पूरा विवरण नहीं दिया गया है. जिन 3 लोगों को जेल भेजा गया है, उनका विवरण इस प्रकार है.

  • दीपांकर शुक्ला : खरिदा कुमारपाड़ा का रहने वाला दीपांकर लंबे समय से आर्म्स एक्ट के मामले में फरार चल रहा था.
  • आकाश पासवान : भगवानपुर निवासी आकाश पुलिस की रडार पर काफी समय से था.
  • बी रोहित पासवान : वार्ड नंबर-16, भगवानपुर का रहने वाला यह आरोपी भी संगठित गिरोह का हिस्सा बताया जा रहा है.

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BNS की धारा 111 : क्यों लगा यह कड़ा कानून?

खड़गपुर टाउन पुलिस (Kharagpur Town Police) ने आरोपियों की आदतन आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उन पर भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2)(b) लगायी गयी है. यह धारा संगठित गिरोह चलाने वालों पर लगती है, जिससे उनकी जमानत और सजा के प्रावधान बेहद सख्त हो जाते हैं. इसलिए इसे पुलिस का ‘ब्रह्मास्त्र’ भी कहा जाता है. खड़गपुर पुलिस (Kharagpur Police) ने साफ कर दिया है कि हिंसक वारदातों में बार-बार शामिल होने वाले अपराधियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जायेगी.

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West Bengal Election 2026 Security: आरोपियों का काला चिट्ठा

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इन तीनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, जिसकी वजह से पुलिस को कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा. इन बदमाशों पर निम्न धाराओं के तहत केस दर्ज हैं.

केस नं 274/24 : हत्या का प्रयास (307), रंगदारी (384/387) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला.
केस नं 439/19 : डकैती की योजना और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (3/4 Explosive Substances Act) के तहत गंभीर केस.
केस नं 374/19 : अवैध हथियारों की तस्करी और इस्तेमाल से जुड़े मामले.

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चुनाव आयोग का सख्त संदेश : शांतिपूर्ण चुनाव ही लक्ष्य

निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने साफ कहा है कि बंगाल चुनाव (Bengal Chunav 2026) को भयमुक्त बनाने के लिए संगठित गिरोहों का दमन जरूरी है. पुलिस की यह कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है. खड़गपुर टाउन पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. पुलिस का दावा है कि संगठित अपराध की धाराएं लगने से अब अपराधियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और उन पर मुकदमा भी तेजी से चलेगा.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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